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सुबह हथेलियों को देखने के पीछे क्या है धार्मिक मान्यताएं
Sat, 20 Jul 2019 04:19 PM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 20 Jul 2019 04:19 PM IST
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अक्सर देखा गया है कि जब हमारी सुबह की शुरुआत अच्छी होती है तो हमारा पूरा दिन अच्छा बीतता है। दिन अच्छा व्यतीत हो इसके लिए हम सब प्रातः अपने मन और घर में शांति व प्रसन्नता की कामना करते हैं, तभी तो हम आँख खुलते ही कुछ भी ऐसा देखना पसंद नहीं करते जिससे हमारा मन खराब हो और उस वजह से दिन भी व्यर्थ चला जाए।
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हमारा दिन हमारे लिए शुभ हो इसके लिए भारतीय ऋषि-मुनियों ने कर(हस्त)दर्शनम का संस्कार हमें दिया है। शास्त्रों में भी जागते ही बिस्तर पर सबसे पहले बैठकर दोनों हाथों की हथेलियों(करतल) के दर्शन का विधान बताया गया है। इससे व्यक्ति की दशा सुधरती है और सौभाग्य में वृद्धि होती है। जब आप सुबह नींद से जागें तो अपनी हथेलियों को आपस में मिलाकर पुस्तक की तरह खोल लें और यह श्लोक पढ़ते हुए हथेलियों का दर्शन करें-
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कराग्रे बसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।
करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥
अर्थात मेरे हाथ के अग्रभाग में भगवती लक्ष्मी का निवास है। मध्य भाग में विद्यादात्री सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास है। अतः प्रभातकाल में मैं इनका दर्शन करता हूँ। इस श्लोक में धन की देवी लक्ष्मी, विद्या की देवी सरस्वती और अपार शक्ति के दाता,सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु की स्तुति की गई है,ताकि जीवन में धन,विद्या और भगवत कृपा की प्राप्ति हो सके।
हथेलियों के दर्शन का मूल भाव यही है कि हम अपने कर्म पर विश्वास करें। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि ऐसे कर्म करें जिससे जीवन में धन, सुख और ज्ञान प्राप्त कर सकें। हमारे हाथों से कोई बुरा काम न हो एवं दूसरों की मदद के लिए हमेशा हाथ आगे बढ़ें। कर दर्शन का दूसरा पहलू यह भी है कि हमारी वृतियां भगवत चिंतन की ओर प्रवृत हों ऐसा करने से शुद्ध सात्विक कार्य करने की प्रेरणा मिलती हैं, साथ ही पराश्रित न रहकर अपनी मेहनत से जीविका कमाने की भावना भी पैदा होती है।
आँखें भी रहेंगी स्वस्थ्य-
जब हम सुबह सोकर उठते है तो हमारी आखें उनींदी रहती हैं। ऐसे मैं यदि एकदम दूर की वस्तु या कहीं रोशनी पर हमारी नज़र पड़ेगी तो आखों पर कुप्रभाव पड़ेगा। कर दर्शन करने का यह फायदा है कि इससे दृष्टि धीरे धीरे स्थिर हो जाती है और आँखों पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता ।
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