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आर्थिक तंगी का कारण बनती है घर पर इस तरह से रही चीजें
Mon, 11 May 2020 07:47 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Mon, 11 May 2020 07:47 AM IST
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आर्थिक संपन्नता से व्यक्ति का जीवन सुखमय रहता है। आर्थिक रूप से संपन्न होने की वजह से व्यक्ति अपना जीवन अच्छे ढ़ंग से चला पाता है। वहीं अगर किसी व्यक्ति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है तो उसको कई तरह की परेशानियों का सामना उठाना पड़ता है। वास्तु शास्त्र में आर्थिक परेशानियों होने के कारण बताए गये हैं। घर पर वास्तु दोष उत्पन्न होने से व्यक्ति को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है।
- वास्तु शास्त्र में घर के उत्तर- पश्चिचम दिशा को धन की दिशा यानी कुबेर की दिशा मानी गई है। वास्तु के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा में कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से घर पर आर्थिक तंगी बढ़ती है इसलिए घर के इस कोने में अच्छी रोशनी होनी चाहिए।
- घर के मुख्य दरवाजे पर कभी भी जूते-चप्पल नहीं होना चाहिए। घर का मुख्य दरवाजा मां लक्ष्मी के आगमन का रास्ता होता है ऐसे में मुख्य दरवाजे पर जूते चप्पल बिखरे होने से मां लक्ष्मी घर के अंदर प्रवेश नहीं करतीं। वास्तु में ऐसा करने से घर पर बीमारियां और आर्थिक तंगी हमेशा रहती है।
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-घर की छत पर कचरा और कबाड़ नहीं एकत्र होना चाहिए। ऐसा करने से भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
-अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं स्वास्थ्य रक्षा के लिए ईशान कोण की ही भांति इस स्थान को भी सदैव स्वच्छ, खुला, हल्का एवं दोषमुक्त रखना आवश्यक है।
- प्रज्ञा का दिशा क्षेत्र उत्तर-पूर्व पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है। इस दिशा में पूजाघर या अपने इष्टदेव की तस्वीर स्थापित करें। ऐसा करने से आपको हमेशा परमात्मा का मार्गदर्शन मिलता रहता है। यह दिशा योग,प्राणायाम और ध्यान के लिए भी श्रेयस्कर है। अपने दिवंगतों की फोटो दक्षिण-पश्चिम में लगाएं। शुभ परिणामों के लिए घर के पश्चिम जोन में आप अपने गुरु की फोटो लगाकर पूजन कर सकते हैं।
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- वास्तु शास्त्र में घर के उत्तर- पश्चिचम दिशा को धन की दिशा यानी कुबेर की दिशा मानी गई है। वास्तु के अनुसार उत्तर-पश्चिम दिशा में कभी भी अंधेरा नहीं होना चाहिए। ऐसा होने से घर पर आर्थिक तंगी बढ़ती है इसलिए घर के इस कोने में अच्छी रोशनी होनी चाहिए।
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- घर के मुख्य दरवाजे पर कभी भी जूते-चप्पल नहीं होना चाहिए। घर का मुख्य दरवाजा मां लक्ष्मी के आगमन का रास्ता होता है ऐसे में मुख्य दरवाजे पर जूते चप्पल बिखरे होने से मां लक्ष्मी घर के अंदर प्रवेश नहीं करतीं। वास्तु में ऐसा करने से घर पर बीमारियां और आर्थिक तंगी हमेशा रहती है।
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-घर की छत पर कचरा और कबाड़ नहीं एकत्र होना चाहिए। ऐसा करने से भी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
-अपने परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं स्वास्थ्य रक्षा के लिए ईशान कोण की ही भांति इस स्थान को भी सदैव स्वच्छ, खुला, हल्का एवं दोषमुक्त रखना आवश्यक है।
- प्रज्ञा का दिशा क्षेत्र उत्तर-पूर्व पूजा करने के लिए आदर्श स्थान है। इस दिशा में पूजाघर या अपने इष्टदेव की तस्वीर स्थापित करें। ऐसा करने से आपको हमेशा परमात्मा का मार्गदर्शन मिलता रहता है। यह दिशा योग,प्राणायाम और ध्यान के लिए भी श्रेयस्कर है। अपने दिवंगतों की फोटो दक्षिण-पश्चिम में लगाएं। शुभ परिणामों के लिए घर के पश्चिम जोन में आप अपने गुरु की फोटो लगाकर पूजन कर सकते हैं।