ज्योतिष में सूर्य को नवग्रहों का राजा माना गया है। सूर्य ऊर्जा, प्रकाश, आत्मा, पिता और नेतृत्व करने का कारक होता है। सूर्य हर माह राशि परिवर्तन करते हैं जिसे सूर्य संक्रांति के नाम से जाना जाता है। 15 जून 2026 को सूर्य शुक्रदेव के स्वामित्व वाली राशि वृषभ से निकलकर बुध के स्वामित्व वाली राशि मिथुन में गोचर करेंगे। सूर्यदेव मिथुन राशि में 16 जुलाई तक रहेंगे फिर इसके बाद कर्क राशि में गोचर करेंगे। आइए जानते हैं सूर्य के मिथुन राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा।
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मेष राशि
- फोटो : amar ujala
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी होते हैं और 15 जून के बाद से तीसरे भाव में गोचर करेंगे। इस तरह के पंचम भाव के स्वामी का तीसरे भाव में गोचर करने से आपको बहुत ही मेहनती, साहस से परिपूर्ण और अपने लक्ष्यों की तरफ निगाहें बनाने का काम करेगा। आपके अंदर आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
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वृषभ राशि
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वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्यदेव चौथे भाव के स्वामी होते हैं जो अब आपकी राशि में गोचर दूसरे भाव में होगा। इससे आपको मिलाजुला फल ही प्राप्ति होगा। इस दौरान आपके अचानक खर्चों में वृद्धि हो सकती है। खानपान के मामलों में आपको अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।
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मिथुन राशि
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मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य तीसरे भाव के स्वामी होते हैं, जो 15 जून के बाद आपके पहले भाव में प्रवेश करेंगे। सूर्य का आपकी राशि से पहले भाव में आने से आपके आत्मविश्वास में वृद्दि करवाएंगे। लेकिन आपको अपने गुस्से को काबू में भी करना होगा।
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कर्क राशि
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कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए सूर्य दूसरे भाव के स्वामी माने जाते हैं। सूर्य के मिथुन राशि में गोचर के दौरान यह आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। आपको इस दौरान आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी। आपके अनावश्यक खर्चों में वृद्धि हो सकती है।