सभी ग्रहों के अधिपति भगवान सूर्य वृषभ राशि की यात्रा समाप्त करके 15 जून को मिथुन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। जहां यह पहले से विराजमान ग्रह, मंगल, बुध और राहु के साथ युति करेंगे। इन पर शनि और केतु की परस्पर दृष्टि भी पड़ रही है। इस तरह से देखा जाए तो छह ग्रहों का परस्पर दृष्टि संबंध बन रहा है। इस युति में मंगल 22 जून तक रहेंगे। उसके बाद अपनी नीच की राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। बुध 20 जून को ही कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इसके फलस्वरूप इन ग्रहों द्वारा बनने वाले अधिकतर योग भंग हो जाएंगे। यह युति स्वतंत्र भारत की कुंडली में वृषभ लग्न से दूसरे कुटुंब भाव में बन रही है। इसलिए आने वाला सप्ताह भारत वर्ष के लिए उपद्रवों वाला हो सकता है।
सूर्य के मिथुन राशि में गोचर से संवर जाएगी इन पांच राशियों की किस्मत, जानें अपनी किस्मत का हाल
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मेष राशि वालों के लिए यह युति बेहद सफलतादायक रहेगी। इस राशि के जातक आने वाले सप्ताह में कोई बड़ा निर्णय, बड़ा व्यापार या बड़े अनुबंध के लिए प्रयास कर सकते हैं। विदेश यात्रा और देशाटन पर अधिक खर्च होगा।
वृषभ —
इस राशि के जातकों के लिए राशि स्वामी शुक्र के द्वारा मालव्य योग तो बना हुआ है फिर भी यह युति कई तरह के अप्रत्याशित शुभ परिणाम दिलाएगी। इस राशि के जातकों को अपनी उर्जा शक्ति का पूर्ण उपयोग करते हुए तन्मयता के साथ अपने कार्य में लग जाना चाहिए क्योंकि सुखद परिणाम आपकी प्रसन्नता में वृद्धि करेंगे।
मिथुन —
मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग मिलाजुला और अप्रत्याशित परिणाम वाला सिद्ध होगा। काफी दिनों से चली आ रही आर्थिक तंगी दूर तो होगी ही व्यापार में भी विस्तार होगा, किंतु मानसिक तनाव बना रहेगा। इस दौरान सेहत के प्रति सजग रहें। यदि आप शिक्षा प्रतियोगिता शामिल होना चाहें तो बेहतरीन अवसर आया हुआ है।
कर्क —
कर्क राशि के जातकों के लिए शुरुआत थोड़ी तनावपूर्ण हो सकती है। जून के तीसरे सप्ताह से मंगल और बुध इस राशि में प्रवेश करेंगे तो परिस्थितियां बेहतर और लाभदायक बनेंगी। व्यापारिक वर्ग एवं महिलाओं के लिए यह अवधि अधिक चुनौतीपूर्ण रहेगी।