शनि का राशि परिवर्तन: कुंभ पर शनि की साढ़ेसाती होगी शुरू, करें इस मंत्र का जाप
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न्यायाधिपति शनि गुरुवार, 24 जनवरी 2020 से राशि बदलने वाले हैं। शनि धनु से मकर राशि में प्रवेश करने के बाद ढ़ाई साल तक इसी राशि में रहेंगे। शनि के राशि परिवर्तन से वृश्चिक राशि से साढ़ेसाती उतरकर कुंभ राशि पर आ जाएगी। कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू होने से इस राशि के जातकों के लिए परेशानियां बढ़ने लगेगी। शनि देव को न्याय और कर्म का देवता माना गया है। जो मनुष्य जैसा कर्म करते हैं, शनि वैसा ही उसे फल देते हैं। अच्छा करने पर अच्छा और बुरा कर्म करने पर बुरा। जो व्यक्ति परिश्रम करता है उस पर शनि का बुरा असर नहीं होता है। शनि की साढ़ेसाती ढैय्या का प्रभाव कम करने के लिए ज्योतिष शास्त्र में दशरथ कृत शनि स्त्रोत और शनि चालीसा का पाठ को लाभदायक बताया गया है।
- दशरथ कृत शनि स्त्रोत
नम: कृष्णाय नीलाय शितिकण्ठनिभाय च।
नम: कालाग्निरूपाय कृतान्ताय च वै नम: ।।
नमो निर्मांस देहाय दीर्घश्मश्रुजटाय च।
नमो विशालनेत्राय शुष्कोदर भयाकृते।।
नम: पुष्कलगात्राय स्थूलरोम्णेऽथ वै नम:।
नमो दीर्घायशुष्काय कालदष्ट्र नमोऽस्तुते।।
नमस्ते कोटराक्षाय दुर्निरीक्ष्याय वै नम:।
नमो घोराय रौद्राय भीषणाय कपालिने।।
नमस्ते सर्वभक्षाय वलीमुखायनमोऽस्तुते।
सूर्यपुत्र नमस्तेऽस्तु भास्करे भयदाय च।।
अधोदृष्टे: नमस्तेऽस्तु संवर्तक नमोऽस्तुते।
नमो मन्दगते तुभ्यं निरिस्त्रणाय नमोऽस्तुते।।
तपसा दग्धदेहाय नित्यं योगरताय च।
नमो नित्यं क्षुधार्ताय अतृप्ताय च वै नम:।।
ज्ञानचक्षुर्नमस्तेऽस्तु कश्यपात्मज सूनवे।
तुष्टो ददासि वै राज्यं रुष्टो हरसि तत्क्षणात्।।
देवासुरमनुष्याश्च सिद्घविद्याधरोरगा:।
त्वया विलोकिता: सर्वे नाशंयान्ति समूलत:।।
प्रसाद कुरु मे देव वाराहोऽहमुपागत।
एवं स्तुतस्तद सौरिग्र्रहराजो महाबल:।।