Rahu-Ketu: क्या आप की कुंडली में भी है राहु-केतु की महादशा? इन अचूक उपायों से दूर होगा कष्ट
अगर आपकी कुंडली में राहु-केतु की दशा-महादशा है तो आपको इन उपायों से राहु-केतु दोष का निवारण मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहु केतु महादशा को दूर करने के लिए कई अचूक और चमत्कारी उपायों के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
विस्तार
Rahu Ketu Upay: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु केतु को छाया या पापी ग्रह के रूप में जाना जाता है। जिन जातकों की कुंडली में राहु-केतु का अशुभ प्रभाव रहता है, उनका जीवन कष्टदायी हो जाता है। कहते हैं कि राहु केतु दोष से ही कालसर्प दोष का निर्माण होता है।
अगर आपकी कुंडली में राहु-केतु की दशा-महादशा है तो आपको इन उपायों से राहु-केतु दोष का निवारण मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र में राहु केतु महादशा को दूर करने के लिए कई अचूक और चमत्कारी उपायों के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
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राहु-केतु दोष का प्रभाव
- यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में राहु दोष है तो उसे मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान हो सकता है। परिवार में भी कलह और मुकदमे आदि जैसी समस्याएं बढ़ने लगती है।
- केतु ग्रह का अशुभ प्रभाव होने से शारीरिक समस्या हो सकती है।
- राहु दोष से बाल झड़ना, जोड़ों में दर्द, चर्म रोग, रीढ़ की हड्डी की समस्या, नसों में कमजोरी जैसी कई बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है।
- जीवन और शरीर में इस तरह के संकेत दिखे तो समझ जाएं कि, राहु-केतु का बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
राहु-केतु दोष उपाय
राहु केतु दोष से बचने के लिए नीचे दिए गए उपायों को करना चाहिए। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
- राहु ग्रह का रत्न गोमेद है। कुंडली में राहु दोष होने पर इस रत्न को शनिवार के दिन धारण करना चाहिए।
- राहु के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए नीले रंग के कपड़े पहनें और केतु दोष होने पर गुलाबी रंग के कपड़े पहनें।
- राहु केतु ग्रह की शांति के लिए घर पर भगवान श्रीकृष्ण की ऐसी तस्वीर रखें, जिसमें वे शेषनाग के ऊपर नृत्य कर रहे हों।
- इस तस्वीर की प्रतिदिन पूजा करें और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इस उपाय से भी उग्र राहु-केतु शांत होते हैं।
- राहु-केतु का दुष्प्रभाव कम करने के लिए रुद्राक्ष की माला से पंचमुखी शिवजी के सामने बैठकर ‘ऊं नम: शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
- कुंडली में राहु को शुभ बनाने के लिए शनिवार के दिन व्रत करें, कुल 18 शनिवार तक व्रत रखे जाते हैं। साथ ही शनिवार के दिन काले वस्त्र पहने और ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः मन्त्र का जाप करें।
- कुंडली में केतु का शुभ फल प्राप्त करने के लिए ॐ क्र केतवे नमः मन्त्र का 11 माला या 05 माला जप करें।
- राहु और केतु को खुश करने के लिए पितृपक्ष में रोज पीपल के पेड़ पर जल के साथ मिठाई या भोजन चढ़ाएं।