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MCD Election Result 2022 Predictions: क्या कहती है अरविंद केजरीवाल की कुंडली ? चुनावों में कितने होंगे सफल
Wed, 07 Dec 2022 10:59 AM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Wed, 07 Dec 2022 10:59 AM IST
सार
राहु का गोचर लग्न में होने से और गुरु पर शनि के प्रभाव के कारण वो हिंदुत्व की राह पर अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाह रहे है जिसमें उन्हें सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है।
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Delhi CM Arvind Kejriwal Rashi Prediction
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
MCD Election Result 2022 Predictions: आज दिल्ली एमसीडी चुनाव के वोटों की मतगणना जारी है। दोपहर तक सभी सीटों के नतीजे जारी हो जाएंगे एमसीडी के सभी 250 वार्डों के लिए मतगणना चल रही है। रुझानों में आम आदमी पार्टी और भाजपा में जोरदार टक्कर देखने को मिल रही है। आम आदमी पार्टी के कार्यकार्तओं में रुझानों को देखते हुए काफी जोश में है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि एमसीडी चुनाव में आम आदमी पार्टी की जीत तय है। दिल्ली के मुख्यमंत्री भी दिल्ली एमसीडी के चुनावों में जीत का भरोसा है। आइए जानते हैं दिल्ली एमसीडी चुनाव और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की कुंडली के सितारे क्या संकेत दे रहे हैं।
Arvind Kejriwal Kundli Analysis And Predictions
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Arvind Kejriwal Kundli Analysis And Predictions
- राजनीति में सफल होने के लिए कर्क और सिंह राशि, गुरु, शनि का बलवान होना ज़रूरी होता है। दरअसल चन्द्रमा रानी है और सूर्य राजा है इसलिए जब सूर्य गुरु और शनि का इन राशियों से संबंध बनता है तो व्यक्ति को लीडर बनने में मदद मिलती है। इनकी कुंडली में लग्नेश, धनेश और लाभेश की चौथे भाव में सिंह राशि में युति है।
- केंद्र स्थान में विराजमान गुरु के कारण इस राजयोग में और शुभता आ रही है। इन तीनों ग्रहों का प्रभाव दशम भाव पर आ रहा है। वहीं तीसरे भाव से मंगल की दृष्टि भी दशम भाव पर आ रही है। यही कारण है की अरविन्द केजरीवाल विस्तारवाद की नीति को अपना रहे है। यहां ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि मंगल चन्द्रमा का राशि परिवर्तन राजयोग है जिसे महर्षि पराशर ने सबसे बलवान राजयोग कहा है।
- यहां मंगल चन्द्रमा की राशि में नीच का होकर विराजमान है वही चन्द्रमा मंगल की राशि मेष में विराजमान होकर नीच भंग राजयोग बना रहा है। इसी के कारण इनका पराक्रम राजनीति में अब बढ़ता ही जा रहा है। राजनीति में जनता का कारक चौथा भाव गुरु शुक्र बुध जैसे 3 शुभ ग्रह से युत होने के कारण इन्हे अच्छे बहुमत से विजयी बना देता है। पंचम के केतु और लाभ में राहु होने के कारण इन्हे अपने ही लोगों के द्वारा बदनामी झेलनी होती है।
- यहां दशम भाव के स्वामी शनि का 12वें भाव में नीच होकर छठे भाव पर दृष्टिपात करना इस बात का संकेत है कि जातक अपने काम को छोड़कर किसी बड़े आंदोलन का हिस्सा बन सकता है। दशम भाव और दशमेश दोनों पर गुरु की दृष्टि होने से जातक को लोगों का साथ मिलता है। यहां शनि की भाग्य स्थान पर दृष्टि से उन्हें जनादेश में मजबूती आ रही है। तीसरे भाव में नीच के मंगल पर राहु की दृष्टि के कारण वो किसी पर भी आरोप लगा देते है और यही कारण है कि उन्हें माफ़ी भी मांगनी पड़ती है।
- साल 2010 के बाद से ही गुरु की महादशा आते ही उन्होंने ज़बरदस्त सफलता प्राप्त की और आगे भी ऐसी उम्मीद जताई जा सकती है। गोचर में 23 अक्टूबर से मार्गी शनि उनके लिए सहायक बने हुए है वहीं चुनाव से पहले गुरु भी मार्गी हो जाएंगे।
- राहु का गोचर लग्न में होने से और गुरु पर शनि के प्रभाव के कारण वो हिंदुत्व की राह पर अपने वोट बैंक को मजबूत करना चाह रहे है जिसमें उन्हें सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है। हालांकि सूर्य का गोचर अष्टम में और मारक स्थान में मंगल वक्री होने से कठिनाई आ सकती है।
- गोचर में 16 नवंबर से सूर्य मंगल का सम सप्तक योग उन्हें दिक्कत दे सकता है। ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उन्हें भले ही आशातीत सफलता हाथ न लगे लेकिन इतना तय है कि भारतीय राजनीति की पिच पर अभी उन्हें लम्बी पारी खेलनी है।
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