अदम्य साहसी और पराक्रमी पृथ्वी पुत्र मंगल मिथुन राशि की यात्रा समाप्त कर अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। मेदिनी ज्योतिष के अनुसार जल तत्व की राशि कर्क में मंगल अथवा सूर्य प्रवेश करते हैं, तो परिणाम स्वरूप अग्नि और जल के मिलन से वाष्पीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होती है। जिसके फलस्वरूप वर्षा की संभावना बढ़ जाएगी और अच्छी बारिश के योग बनेंगे।
Mars transit 2019 : मंगल ने फिर बदली अपनी चाल, जानें 12 राशियों में किसे रखेगा खुशहाल और किसे फटेहाल
मेष
इस राशि के स्वामी मंगल का नीचस्थ होकर चतुर्थ भाव में जाने से मानसिक तनाव तो बढ़ेगा लेकिन मकान, वाहन आदि के क्रय-विक्रय का योग भी बनाएगा। इस अवधि के मध्य सामान चोरी होने की आशंका रहेगी। ऐसे अपनी चीजों का ख्याल रखें और जेबकतरों से सावधान रहें।
वृष
इस राशि के लिए मंगल का गोचर तृतीय पराक्रम भाव में रहेगा। जिसके कारण भाईयों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव तो पड़ेगा, किंतु कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। भाग्योन्नति होगी और विदेश यात्रा के अवसर मिलेंगे। जीवन में प्रगति के लिए इन अवसरों का पूरा लाभ उठाएं।
मिथुन
इस राशि के लिए मंगल का गोचर द्वितीय कुटुंब भाव में हो रहा है। अत: कहीं न कहीं पारिवारिक कलह और मानसिक संताप से जूझना होगा। चूंकि इस राशि के स्वामी बुध भी कर्क में हैं, इसलिए मन-मस्तिष्क को शीतल रखेंगे, जिसके फलस्वरूप परिस्थितियां आपके पक्ष में हो जाएंगी।
कर्क
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल का नीचस्थ होना कोई अशुभ प्रभाव नहीं दिखाएगा, क्योंकि मंगल कर्क राशि के लिए राजयोग कारक होता है। अत: यह परिवर्तन कर्क राशि के लिए बेहतरीन रहेगा। इस अवधि के मध्य इस राशि के जातक किसी भी तरह की चल-अचल संपत्ति का क्रय-विक्रय कर सकते हैं।