Shani Dev: इन लोगों को झेलना पड़ता है शनिदेव का प्रकोप, जानिए शनिदोष को खत्म करने के उपाय
Shani Dev: हर जातक की कुंडली में ग्रहों का अपना अलग महत्व होता है। कुंडली में ये ग्रह अलग-अलग स्थान पर होते हैं। हालांकि, शनि का प्रभाव ही सबसे भिन्न होता है। उन्हें न्याय का देवता माना जाता है।
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Shani Dev: हर जातक की कुंडली में ग्रहों का अपना अलग महत्व होता है। कुंडली में ये ग्रह अलग-अलग स्थान पर होते हैं। हालांकि, शनि का प्रभाव ही सबसे भिन्न होता है। उन्हें न्याय का देवता माना जाता है। शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। इसके अलावा शनि एक ऐसे ग्रह हैं, जो मंद गति से चलने वाले माने जाते है। मान्यता है कि, यदि किसी व्यक्ति के जीवन में कोई ग्रह प्रभाव डालता है, तो वह शनि है। बता दें, कुंभ राशि और मकर राशि के स्वामी ग्रह शनिदेव हैं। इस राशि के जातकों पर इनकी विशेष कृपा रहती है।
अगर किसी की कुंडली में शनि भारी हो जाए, तो उस व्यक्ति को कई कष्टों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान उन्हें शांत करने के लिए कई उपाय भी किए जाते हैं। हालांकि, फिर भी शनिदेव के पूर्ण प्रभाव से नहीं बचा जा सकता है। ये भी कहा जाता है कि यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनिदेव के शुभ प्रभाव होते हैं, तो उसे उच्च पदों की प्राप्ति होती है। साथ ही सफलता के मार्ग में आ रही बाधाएं भी दूर होने लगती हैं। परंतु किसी पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव हो, तो वह परेशानियों से घिरा रहता है। आइए जानते हैं कि शनि देव किन जातकों को अधिक परेशान करते हैं।
ये लोग झेलते हैं शनिदेव का प्रकोप
यदि शनि छठे, आठवें और बारहवें भाव के स्वामी ग्रहों के साथ हैं, तो आप पर उसका बुरा प्रभाव पड़ता है। इसके अलावा यदि शनि राहु, केतु और सूर्य, चंद्रमा के साथ बैठें है, तब भी इसका बुरा परिणाम मिलता है।
शनि दोष के लक्षण
शनि का दोष होने पर व्यक्ति हमेशा समस्याओं से घिरा रहता है। साथ ही पैसों की तंगी बनी रहती है और वह बीमारी से ग्रसित होने लगता है। इस दौरान जातक की पैतृक संपत्ति में भी समस्याएं आने लगती है। वहीं घर में अधिक सीलन आना भी शनि दोष का कारक माना जाता है। साथ ही मानसिक तनाव भी बना रहता है।
ऐसे करें शनिदेव को शांत
- कुछ उपायों की सहायता से शनिदेव को शांत किया जा सकता है। इस दौरान आप हर शनिवार को लोहे के कटोरे में साबुत उड़द, काले चने और सरसों का तेल डाल दें। इसके बाद एक काले कपड़े में इसे लपेटकर माथे से लगाकर रखें। इसके बाद इसका दान करें। ऐसा करने से शनि दोष कम हो सकता है।
- शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित है। इसलिए इस दिन उपवास रखें। साथ ही गरीब लोगों की मदद करें। इससे आपके संकट दूर हो सकते हैं।
- शनिदेव की साढ़ेसाती का प्रभाव कम करने लिए शनिदेव के मंत्रों का जाप करें। इसके अलावा शनि चालीसा का पाठ भी करें।
- मान्यता है कि शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इससे कुंडली से शनि दोष खत्म होता है।
- शनिवार के दिन सूर्योदय से पूर्व पीपल के पेड़ की पूजा करें। उन्हें जल अर्पित करते हुए दीपक जलाएं। ऐसा करने से शनि देव की कृपा हमेशा मिलती है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये खबर लोक मान्यताओं पर आधारित है। इस खबर में शामिल सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है