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Hindi News ›   Astrology ›   Predictions ›   Budh Gochar 2025 Budh Ka Vrishabh Rashi Me Parivartan Mercury Transit Impact On Capricorn

Budh Gochar 2025: बुध का वृषभ राशि में गोचर, जानिए मकर राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?

Sat, 24 May 2025 05:02 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Sat, 24 May 2025 05:02 PM IST
सार

Budh Gochar 2025: मकर राशि वालों के लिए बुध कुंडली के छठे और औ नौवें भाव के स्वामी होते हैं और अब जब बुध का गोचर वृषभ राशि में होने से यह आपके पंचम भाव में गोचर कर चुके हैं।

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Budh Gochar 2025 Budh Ka Vrishabh Rashi Me Parivartan Mercury Transit Impact On Capricorn
budh gochar 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Budh Gochar 2025:  बुद्धि और वाणी के कारक ग्रह बुध अब वृषभ राशि में प्रवेश कर चुके हैं। ज्योतिष में बुध ग्रह को व्यापार और संचार से संबंधित फल देने वाला ग्रह माना जाता है। आपको बता दें कि बुध बीते दिन 23 मई 2025 को दोपहर 12 बजकर 48 मिनट पर मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर कर चुके हैं। बुध के गोचर करने से कुछ राशि वालों को सकारात्मक परिणाम तो कुछ को नकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आइए जानते हैं बुध के गोचर करने से मकर राशि वालों पर किस तरह का प्रभाव पड़ेगा इसका ज्योतिषीय विश्लेषण करते हैं। 

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मकर राशि पर प्रभाव
मकर राशि वालों के लिए बुध कुंडली के छठे और औ नौवें भाव के स्वामी होते हैं और अब जब बुध का गोचर वृषभ राशि में होने से यह आपके पंचम भाव में गोचर कर चुके हैं। वैदिक ज्योतिष में कुंडली का पांचवां भाव बहुत ही खास माना जाता है। यह भाव संतान,शिक्षा, रोमांस, बुद्धि और नए अवसरों का होता है। इस भाव में बुध के गोचर से इसका प्रभाव इन क्षेत्रों पर पड़ेगा। मकर राशि वालों को प्रेम संबंधों में कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आप रिश्तों को लेकर कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। वैवाहिक जातकों के लिए यह गोचर अच्छा नहीं कहा जा सकता है। 

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बुध का कुंडली पर प्रभाव
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व  भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं।

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