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Budh Gochar 2025: बुध का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष राशि वालों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव ?
Sat, 21 Jun 2025 05:57 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 21 Jun 2025 05:57 PM IST
सार
Budh Gochar 2025: 22 जून 2025 को रात 09 बजकर 17 मिनट पर बुध अपनी स्वराशि मिथुन की यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में गोचर करेंगे। जानते हैं मेष राशि वालों पर किस तरह पड़ेगा प्रभाव।
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बुध का कर्क राशि में गोचर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
Budh Gochar 2025: 22 जून 2025 को बुद्धि, वाणी, संचार और व्यापार के कारक ग्रह बुध राशि परिवर्तन करेंगे। 22 जून 2025 को रात 09 बजकर 17 मिनट पर बुध अपनी स्वराशि मिथुन की यात्रा को विराम देते हुए कर्क राशि में गोचर करेंगे। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कर्क राशि के स्वामी ग्रह चंद्रदेव होते हैं और बुध के साथ इनकी शत्रुता रहती है। यानी बुध ग्रह का संबंध चंद्रमा से अच्छा नहीं माना जाता है। इस बार बुध कर्क राशि में लंबे समय तक रहेंगे। बुध कर्क राशि में 30 अगस्त तक रहेंगे, फिर इसके बाद सिंह राशि में गोचर होंगे। बुध के कर्क राशि में गोचर करने से सभी 12 राशियों के जातकों पर असर देखने को मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं बुध के राशि परिवर्तन करने से मेष राशि के जातकों पर किस तरह का प्रभाव देखने को मिलेगा।
बुध का गोचर और मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। 22 जून को बुध का गोचर आपके चौथे भाव में होगा। कुंडली का चौथा भाव माता, सुख और वाहन का होता है। बुध का चौथा भाव में गोचर अच्छा माना जाता है। वैसे बुध ग्रह का अपने शत्रु चंद्रमा की राशि में होना कुछ परेशानियां ला सकता है। सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे। माता के साथ आपके संबंध अच्छे होंगे और माता की सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। जमीन-जायदाद संबंधी मामलों में आपको सुख की प्राप्ति होगी। बड़े लोगों से मेल-मिलाप होगा जिसका फायदा आपको आगे चलकर मिलेगा।
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ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
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बुध का गोचर और मेष राशि पर प्रभाव
मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे भाव के स्वामी होते हैं। 22 जून को बुध का गोचर आपके चौथे भाव में होगा। कुंडली का चौथा भाव माता, सुख और वाहन का होता है। बुध का चौथा भाव में गोचर अच्छा माना जाता है। वैसे बुध ग्रह का अपने शत्रु चंद्रमा की राशि में होना कुछ परेशानियां ला सकता है। सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देखने को मिलेंगे। माता के साथ आपके संबंध अच्छे होंगे और माता की सेहत में सुधार देखने को मिलेगा। जमीन-जायदाद संबंधी मामलों में आपको सुख की प्राप्ति होगी। बड़े लोगों से मेल-मिलाप होगा जिसका फायदा आपको आगे चलकर मिलेगा।
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ज्योतिष में बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में बुध को ग्रहों का राजकुमार कहा जाता है। कुंडली में उनकी स्थिति व्यक्ति के जीवन पर विशेष प्रभाव डालती हैं। यदि बुध जन्म कुंडली में लग्न भाव में हो, तो जातक संवाद में कुशल बनता है। इतना ही नहीं बुध के प्रभाव से व्यक्ति का व्यक्तित्व भी बढ़ता है और वह शारीरिक रूप से सुंदर बनता है। यदि किसी व्यक्ति की जन्म कुंडली में बुध कमजोर होता है, तो वह अक्सर बीमारियों से घिरा रहता है। इसके अलावा जातक पाचन शक्ति कमजोर, पेट दर्द और बालों की समस्याएं भी झेलता है। वहीं कुंडली में बुध की स्थिति सही न होने पर संवाद में दिक्कतें आने लगती है, जिस कारण रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही व्यापार में असफलता, नौकरी में तनाव और शिक्षा के क्षेत्र में बार-बार असफलताएं मिलने लगती हैं। बुध को मिथुन और कन्या राशियों का स्वामी का ग्रह माना जाता है।
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कुंडली में बुध को मजबूत करने के उपाय- बुधवार को भगवान गणेश को 11 मोदक का भोग लगाएं।
- बुधवार के व्रत रखें।
- बुधवार के दिन हरि चूड़ियों का दान करें।
- रोजाना आप बुध स्तोत्र का पाठ करें।
- बुध ग्रह से जुड़े मंत्रों का 108 बार जाप करें।
- यदि संभव हो, तो आप पन्ना रत्न भी धारण कर सकते हैं।
- बुधवार के दिन हरे रंग के वस्त्र पहनें।
- रोजाना तुलसी को जल चढ़ाएं।
- बुधवार के दिन गाय को घास खिलाएं।
- हरी मूंग की दाल का दान करें।
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