Prediction 2019 : जानें सितारे किसकी बनाने जा रहे हैं सरकार और कौन करता रह जाएगा इंतजार
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मोदी नहीं बन पाएंगे प्रधानमंत्री?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोबारा प्रधानमंत्री बनने को लेकर किए जाने वाले सवाल के जवाब में जाने-माने ज्योतिषविद् पं. राजेश तिवारी कहते हैं कि इस संबंध में हमें ग्रहों की स्थिति के साथ नरेंद्र मोदी की जन्म कुंडली व गोचर दोनों पर विचार करना होगा। उनके अनुसार जन्म कुंडली के अनुसार पीएम मोदी का जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है तथा जन्म समय उनकी राशि भी वृश्चिक है। राशि व लग्न का स्वामी मंगल लग्न में भाग्येश चंद्रमा के साथ बैठा है, जो केंद्र-त्रिकोण की युति के साथ साथ शशि मंगला नामक राजयोग का सृजन कर्ता है। यह राजयोग ही उन्हें इस पद तक ले जाने वाला कहा जायेगा। परंतु वर्तमान में पूरे चुनाव तक यह चंद्रमा में केतु की अंतर्दशा का भोग करेंगे।
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कहने का तात्पर्य 28 फरवरी 2019 से पूरे चुनाव तक इस पाप समय का भोग करेगा। चंद्रमा में केतु की यह दशा और भी नकारात्मक परिणाम इसलिए भी देगी क्योंकि पूरे चुनाव काल तक राशि से द्वितीय केतु का भोग होगा जो नरेंद्र मोदी के अंदर भय पैदा करेगा। पीएम मोदी की की यह नकारात्मक दशा उन्हें विशिष्ट स्थान नही देगी और संगठनात्मक रूप से दुर्बल बनाकर अति निर्बलावस्था में रखेगी।
यदि गोचर पर विचार किया जाय तो स्पष्ट है कि इनकी राशि से द्वितीय शनि की स्थिति व 7 मार्च 2019 से अष्टम का राहु इनके लोकप्रियता में न केवल भारी कमी पैदा करेगा, अपितु इन्हे अपनी पार्टी में सर्वोपरि स्थिति बनाए रखने में भी संकट पैदा करेगा। कुल मिलाकर तमाम प्रयासों के बावजूद मोदी दोबारा प्रधानमंत्री होंगे, ऐसा नहीं दिखाई दे रहा है। जन्म समय के नकारात्मक ग्रहीय योग तथा प्रतिकूल गोचर, इन्हें सफलता प्रदान करते हुए नही दिखाई दे रहे हैं।
पूरी होगी मोदी के मन की बात
देश के तमाम बड़े चुनावी सर्वों की तरह पं. कृष्ण गोपाल मिश्र भी एक बार फिर मोदी सरकार की बात कर रहे हैं। उनके अनुसार 2019 का पूरा लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र बिंदु में रखकर लड़ा गया। ऐसे में यदि उनकी जन्म पत्री को देखने पर स्पष्ट होता है कि सात चरणों वाले लोकसभा चुनाव में 23 अप्रैल, 6 मई और 19 मई के परिणामों में भले ही भाजपा को अच्छे रिजल्ट ना मिले, लेकिन शेष चार चरणों में जो चुनाव हुए हैं, उसमें भाजपा को भारी मतों से ढेर सारी सीटें हासिल होंगी। उसका मुख्य कारण मोदी की जन्म पत्री के अनुसार चारों चरणों के दैनिक चक्र मोदी के कारक ग्रहों के काफी अनुकूल कहा जाएगा, जिसका लाभ मोदी जी को भरपूर मिलेगा। नतीजतन, नरेंद्र मोदी पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में सक्षम होंगे।
ज्योतिष विधा को लेकर तकरीबन 12 वर्षों से शोधरत आचार्य राजीव नारायण शर्मा बताते हैं वर्तमान में सत्तारूढ़ दल भाजपा, 6.4.1980 की कुंडली मिथुन लग्न और ज्येष्ठा नक्षत्र की है। चुनावों के समय इनकी दशा चंद्र/मंगल/गुरु-शनि की होगी। महादशा का स्वामी चंद्र केमद्रुम योग और नीच की राशि में संकट के छठवें भाव में है, वक्री मंगल भी वक्री शनि, राहु-केतु से पीड़ित तीसरे भाव में है। ये किसी मजबूत राजयोग का संकेत नहीं दे रहे हैं।
आचार्य शर्मा कहते हैं कि जब भाजपा की दशम भाव स्थित सूर्य की दशा 5.4.2012 से शुरू होकर 5.4.2018 तक रही, तब इस पार्टी ने जबर्दस्त सफलता प्राप्त की और सहयोगी दलों के 21 राज्यों में सत्ता पर आसीन हुई। परन्तु 6.4.2018 से चंद्र की दशा (10 वर्ष) प्रारंभ होने के बाद हुए सभी 6 राज्यों के विधानसभा चुनावों में इसे पराजय का सामना करना पड़ा।
आचार्य राजीव नारायण शर्मा के अनुसार देश की दूसरी प्रमुख पार्टी कांग्रेस (आई), 2.1.1978 की कुंडली मीन लग्न और हस्ता नक्षत्र की है। वर्तमान में इनकी दशा गुरु/शुक्र की चल रही है, जो चतुर्थ (सिंहासन) और दशम (पावर) भावों में हैं। अक्टूबर 2018 से गुरू के वृश्चिक राशि में, जो इनका भाग्य स्थान है आने के बाद राजयोग प्रारंभ हुआ और वर्षों बाद 3 हिंदी भाषी राज्यों में इनकी सरकार बनीं। अतः काल गणना के अनुसार कांग्रेस पिछले चुनावों की तुलना में अप्रत्याशित रूप से सफलता प्राप्त करेगी और सरकार बनाने में सहयोगी होगी।