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Panchak 2021: इस बार महाशिवरात्रि में लगेगा पंचक, इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Sat, 06 Mar 2021 07:44 AM IST
रुस्तम राणा ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: रुस्तम राणा Updated Sat, 06 Mar 2021 07:44 AM IST
सार

  • इस बार महाशिवरात्रि में लग रहे हैं पंचक।
  • पंचक 11 मार्च को सुबह 9:21 बजे से 16 मार्च की सुबह 4:44 बजे तक रहेंगे।
  • पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करना वर्जित माना जाता है।

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panchak 2021 on mahashivratri remember these five things on Panchak
पंचक 2021: इस बार महाशिवरात्रि में लग रहे हैं पंचक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस साल महाशिवरात्रि 11 मार्च गुरुवार को है। महत्वपूर्ण बात ये है कि इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचक लग रहे हैं। पंचक में कुछ विशेष बातों का ध्यान रखा जाता है। महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित पर्व है। हर साल यह त्योहार फाल्गुन माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि 11 मार्च को दोपहर 2 बजकर 41 मिनट से 12 मार्च दोपहर 3 बजकर 3 मिनट तक ही रहेगी। 

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कब से कब तक लगेगा पंचक?
हिन्दू पंचांग के अनुसार, पंचक 11 मार्च को सुबह 9 बजकर 21 मिनट से शुरू होकर 16 मार्च की सुबह 4 बजकर 44 मिनट तक रहेंगे।

महाशिवरात्रि में बन रहें हैं ये दो महान शुभ योग
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष महाशिवरात्रि में दो महान योग बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्यो के अनुसार, 11 मार्च की सुबह 9 बजकर 22 मिनट तक महान ‘शिवयोग’ और उसके बाद ‘सिद्धयोग’ आरंभ हो जाएगा। ये दोनों योग पूजा-आराधना में विशेष फलदायी माना गया है।
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पंचक के दौरान इन बातों का रखें विशेष ध्यान
शास्त्रों के अनुसार, पंचक के दौरान कुछ विशेष कार्यों को करना वर्जित माना जाता है। पंचक के दौरान लकड़ी इकठ्ठी करना, चारपाई खरीदना या बनवाना, घर की छत बनवाना एवं दक्षिण दिशा की ओर यात्रा करना अशुभ माना जाता है। इन कामों को छोड़कर आप कोई भी काम कर सकते हैं। वह शुभ माना जाता है।
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कब बनता है पंचक?
मुहूर्त ज्योतिष के महानतम ग्रन्थ 'मुहूर्त चिंतामणि' के अनुसार घनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद तथा रेवती ये नक्षत्र पर जब चन्द्रमा गोचर करते हैं तो उस काल को पंचक काल कहा जाता है। इसे 'भदवा' भी कहते हैं। पंचक निर्माण तभी होता है जब चन्द्रमा कुंभ और मीन राशि पर गोचर करते हैं।


पंचक के प्रकार 

  • रोग पंचक - रविवार को शुरू होने वाला पंचक रोग पंचक कहलाता है। हर तरह के मांगलिक कार्यों में ये पंचक अशुभ माना गया है। 
  • राज पंचक - सोमवार को शुरू होने वाला पंचक राज पंचक कहलाता है ये पंचक शुभ माना जाता है। 
  • अग्नि पंचक - मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। इस पंचक में किसी भी तरह का निर्माण कार्य और मशीनरी कामों की शुरुआत करना अशुभ माना गया है। 
  • चोर पंचक - शुक्रवार को शुरू होने वाला पंचक चोर पंचक कहलाता है। इस पंचक में लेन-देन, व्यापार और किसी भी तरह के लेन-देन से बचना चाहिए। 
  • बुधवार और गुरुवार को शुरू होने वाले पंचक सभी तरह के कार्य कर सकते हैं यहाँ तक कि सगाई, विवाह आदि शुभ कार्य भी किए जाते हैं।


 

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