कई छात्र गणित को काफी कठिन विषय समझते हैं और कई छात्रों को कॉमर्स पल्ले नहीं पड़ती है। जबकि कुछ लोगों की संवाद शैली अच्छी नहीं होती है। ऐसे लोग अपनी बातों को कहने में झिझकते हैं या स्पष्ट रूप से कह नहीं पाते हैं। इन सभी कमजोरी का कारण सिर्फ और सिर्फ बुध ग्रह है। अगर आप इन परेशानियों से जूझ रहे हैं तो समझिएगा आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर स्थिति में है।
गणित, कॉमर्स और संवाद में हैं कमजोर, तो कुंडली में ये ग्रह है जिम्मेदार
ज्योतिष में बुध ग्रह
ज्योतिष शास्त्र में बुध एक तटस्थ ग्रह है। यह न तो क्रूर ग्रह है और न ही शुभ ग्रहों की श्रेणी में आता है। लेकिन यह जिस भी ग्रह के साथ होता है उसी ग्रह के स्वभाव के अनुसार फल देता है। बुध को गणित, कॉमर्स, तर्क शक्ति, संवाद कला और चतुराई का कारक माना जाता है। यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। जिस व्यक्ति की कुंडली में बुध ग्रह बलवान होता है उस व्यक्ति की गजब की संवाद शैली होती है। ऐसे लोग गणित, कॉमर्स और तर्कशक्ति में माहिर होते हैं। अपनी चालाकियों से ये ज्ञानियों को भी मात देने की क्षमता रखते हैं।
बुध ग्रह कमजोर कैसे होता है?
आपकी कुंडली में अगर बुध किसी शत्रु भाव के साथ बैठा है या उस पर शत्रु ग्रह की दृष्टि है तो वह कमजोर होगा। इसके साथ ही शत्रु ग्रहों के साथ युति भी उसे पीड़ित करती है। कई बार बुध ग्रह सूर्य के साथ अस्त भी हो जाता है।
कुंडली का दूसरा भाव है बोलने की क्षमता से जुड़ा
कुंडली में दूसरा भाव धन भाव कहलाता है। लेकिन इसी के साथ यह वाणी का भाव होता है। इस भाव से व्यक्ति की बोलने की क्षमता, उसकी संवाद दक्षता को देखा जाता है। अगर कुंडली में यह भाव कमजोर होगा तो व्यक्ति बोलने की क्षमता में दक्ष नहीं हो पाएगा। वह महफिल में बोलने से घबराएगा।
बुध ग्रह को मजबूत करने के उपाय
- बुध ग्रह की शांति के उपाय करें।
- उच्च गुणवत्ता का पन्ना धारण करें।
- चार मुखी रुद्राक्ष धारण करें।
- बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।
- बुधवार के दिन गणपति महाराज की पूजा करें।
- बुधवार को हरा वस्त्र धारण करें।
- मां या बहन समान महिला को हरी साड़ी या हरी चूड़ियां दान करें।