Mantra Jaap: पूजा करते समय हो जाती है गलती, तो पूजा के अंत में जरूर करें इस मंत्र का जाप
हिन्दू धर्म ग्रंथों में 33 कोटी देवी देवताओं का वर्णन मिलता है। इन सभी देवी-देवताओं की पूजा-पाठ का विशेष महत्व है। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पूजा करते समय हमसे कई बार कुछ गलती हो जाती है और ऐसे में हमारे मन में यह भय व्याप्त हो जाता है कि अब हमें शुभ फल प्राप्त नहीं होगा। चलिए जानते हैं उस मंत्र के बारे में जिससे होगी आपकी सभी भूल चूक माफ।
विस्तार
क्षमा मंत्र
जब भी आप पूजा करें तो सबसे आखिरी में नीचे दिए गए क्षमा मंत्र का जाप करें-
अपराधसहस्त्राणि क्रियन्तेऽहर्निशं मया।
दासोऽयमिति मां मत्वा क्षमस्व परमेश्वर।।
गतं पापं गतं दु:खं गतं दारिद्रय मेव च।
आगता: सुख-संपत्ति पुण्योऽहं तव दर्शनात्।।
इसका अर्थ है - हे प्रभु। मेरे से दिन- रात हजारों अपराध होते रहते हैं। यह मेरा दास है- ऐसा समझकर मेरे उन अपराधों को आप कृपापूर्वक क्षमा करो। आपके दर्शनों से मेरे पापों और दुखों का नाश हो, दरिद्रता दूर हो और मुझ सुख-संपत्ति प्राप्त हो। ऐसा वरदान दें।
ध्यान रखें ये बातें भी
इस मंत्र के जाप के दौरान इन बातों का ध्यान रखना अनिवार्य है-
- हर पूजा के अंत में इस क्षमा मंत्र का जाप जरूर करें, इससे भगवान की कृपा आप पर बनी रहेगी।
- अगर आप देवता की जगह किसी देवी की पूजा कर रही हैं तो परमेश्वर के स्थान पर परमेश्वरी कहें।
- अगर देवी की पूजा कर रहे हैं तो परमेश्वर के स्थान पर परमेश्वरी बोलें।
- मंत्र जप के समय किसी के प्रति मन में कोई गलत भावना नहीं लाएं।
- जिस देवी-देवता के लिए खाम मंत्र का जाप कर रहे हैं उनकी छवि को मन में रखकर जाप करें।