{"_id":"5d8f035f8ebc3e013b285714","slug":"maa-durga-arrival-and-departure-vehicle","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवरात्रि में प्रत्येक वर्ष मां का आगमन अलग अलग वाहनों से क्यों होता है","category":{"title":"Astrology","title_hn":"ज्योतिष","slug":"astrology"}}
नवरात्रि में प्रत्येक वर्ष मां का आगमन अलग अलग वाहनों से क्यों होता है
Sat, 28 Sep 2019 12:42 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 28 Sep 2019 12:42 PM IST
विज्ञापन
navratri 2019
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगत जननी मां दुर्गा नारी शक्ति का स्वरूप है। मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार कर पूरे संसार को नारी शक्ति का यह संदेश दिया था। नारी इतना कष्ट सह कर अगर नर को जन्म दे सकती है तो उसके अत्याचारों को समाप्त करने के लिए उसका सम्पूर्ण नाश भी कर सकती है।
विज्ञापन
इस देश में मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है और हर स्वरुप में माता अलग अलग वाहनों पर विराजमान हैं। आमतौर पर सिंह ही माता का वाहन होता है, परंतु तिथि के अनुसार प्रति वर्ष मां अलग-अलग वाहनों से पृथ्वी पर आगमन करती हैं।
विज्ञापन
इस वर्ष मां हाथी पर सवार होकर आगमन कर रही हैं और घोड़े पर प्रस्थान कर रही है। आइए ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जानते है मां किस तरह अलग अलग वाहनों में विराजमान होकर धरती पर आती है।
विज्ञापन
सोमवार व रविवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर मां दुर्गा हाथी की सवारी कर धरती पर आती है।
शनिवार व मंगलवार को प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर माता का घोड़े की सवारी कर धरती पर आती है।
गुरुवार अथवा शुक्रवार के दिन प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर माता डोली पर चढ़कर आती है।
बुधवार के दिन प्रथम पूजा यानी कलश स्थापना होने पर माता नाव पर सवार होकर आती है।
इसी तरह तिथि के अनुसार ही मां धरती से प्रस्थान भी करती है।