यहां ज्योतिष के 100 से ज्यादा ज्ञानी, मुफ्त में दूर करेंगे आपकी परेशानी
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अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में ज्योतिष की अलग-अलग विधाओं में पारंगत 100 से अधिक ज्योतिषी देश के कोने-कोने से आ रहे हैं।
इनमें से किसी को कुंडली देखने में तो किसी को हाथ का अंगूठा या हस्ताक्षर देखकर आपके आने वाले कल का सटीक विश्लेषण करने में महारथ हासिल है। ज्योतिष महाकुंभ में पांच से लेकर 50 साल के अनुभवी ज्योतिषी आपकी हर परेशानी का हल खोजने का प्रयास करेंगे। नामी ज्योतिषियों की कड़ी में कुछ नाम आज आपके सामने हैं...
खून में बसा है ज्योतिष
जेके जेटली पिछले 50 वर्षों से इस विद्या के माध्यम से लोगों की समस्याओं का निवारण करते आ रहे हैं। जेटली का परिवार पिछले 120 वर्षों से ज्योतिष विद्या से जुड़ा हुआ है। जेटली के पिता लाहौर के जाने-माने ज्योतिषी थे। आजादी के बाद उनका परिवार दिल्ली में बस गया। पिता के ज्ञान और विद्या को जेके जेटली अब आगे बढ़ा रहे हैं।
हर अंगूठा कुछ कहता है
महाराष्ट्र के कोल्हापुर से ज्योतिष महाकुंभ में आ रहे हस्तरेखा विशेषज्ञ लखन बाकोड़े हाथ का अंगूठा देखकर आपका भविष्य बता सकते हैं। इन्हें इस विद्या में महारथ हासिल है। इनका दावा है कि लोगों के जीवन से जुड़ी कई भविष्यवाणियां की हैं, जो आगे जाकर सच साबित हुई हैं।
रमल विद्या के पारंगत
फलित ज्योतिष की एक विद्या है रमल, जिसमें पासे फेंककर किसी प्रश्न का उत्तर हासिल किया जाता है। इस विद्या के गिने-चुने ही जानकार रह गए हैं, इनमें से एक नाम आचार्य अनुपम जौली का है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी, अमेरिका के छात्रों को भारतीय वैदिक ज्योतिष विषय समझाने के लिए आचार्य जौली ने एक डाक्यूमेंट्री फिल्म बनाई गई है। जिसे प्रत्येक वर्ष आने वाले छात्र एक विषय की तरह पढ़ते और समझते हैं।
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कुंडली में छिपा हर बीमारी का राज
आपकी कुंडली में आपकी सेहत का राज छिपा है, यह मानना है डॉ. संजीव सुंदरानी का। एक एनजीओ के माध्यम से कैंसर जैसे असाध्य रोगियों के प्रेरक गुरु डॉ. सुंदरानी ने 15 वर्षों की रिसर्च के बाद पाया कि किसी भी व्यक्ति की कुंडली से छिपा होता है कि भविष्य में उसे क्या बीमारी हो सकती है। यह जानकर वह जातक को नियम, संयम की सलाह देते हैं, ताकि वह बीमारी भविष्य में उसके लिए हानिकारक न बने।
हस्ताक्षर देखकर बता देंगे वास्तु दोष
हस्ताक्षर से आपके व्यक्तित्व का पता तो हर कोई बता देगा, लेकिन एक नाम ज्योतिष महाकुंभ में ऐसा भी है जो हस्ताक्षर से भूत और भविष्य के लेखाजोखा से लेकर घर का वास्तुदोष तक बता देंगे। इनका नाम डॉ. संदीप भार्गव है। ये जातक को हस्ताक्षर में सुधार के टिप्स देकर व्यक्ति की समस्याओं को दूर करते हैं। इसके अलावा हस्तरेखा पढ़ने में भी इन्हें महारथ हासिल है।
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कालसर्प योग अच्छा भी होता है
25 वर्षों से ज्योतिष अध्यात्म और भागवत कथाओं के माध्यम से जन कल्याण कर रहें आचार्य रमेश सेमवाल का कालसर्प योग पर खास शोध है। आचार्य सेमवाल के मुताबिक, कालसर्प योग की सभी कुंडलियां खराब नहीं होती हैं। इस योग का व्यक्ति काफी ऊंचाई पर जाता है। बस कुछ खास अनुष्ठान करने होते हैं। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू, लता मंगेशकर की कुंडली में भी कालसर्पदोष था। 33 अखिल भारतीय ज्योतिष सम्मलेन करवा चुके आचार्य सेमवाल उत्तराखंड ज्योतिष परिषद के अध्यक्ष भी हैं।
आयोजन के सहयोगी
इस आयोजन में पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेज, कानपुर वैचारिक सहयोगी है। होटल सैफ्रॉन लीफ, रियो रिजॉर्ट, होटल पर्ल ग्रैंड, होटल वायसराय इन हॉस्पिटेलिटी पार्टनर, ज्योतिष मंथन जयपुर ज्योतिष पत्रिका और गुरु कृपा ज्योतिष धाम देहरादून पार्टनर, समाचार प्लस चैनल पार्टनर, अमर उजाला डॉट कॉम डिजिटल पार्टनर और हाइप शूज सहयोगी है।
ज्योतिषियों का होगा सम्मान
पिछले दो वर्षों की तर्ज पर इस बार भी ज्योतिष के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए एक वरिष्ठ ज्योतिष को लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। अन्य सुपात्र ज्योतिषियों को ज्योतिष विभूषण, ज्योतिष भूषण और ज्योतिष श्री सम्मान प्रदान किया जाएगा। सम्मान के लिए ज्योतिषियों का चयन आयोजक मंडल करेगा।
31 मार्च को भव्य शुभारंभ
ग्राफिक एरा विवि के सभागार में 31 मार्च को ज्योतिष महाकुंभ के जरिये अमर उजाला एक बार फिर प्रदेशवासियों को देश के जाने-माने ज्योतिषियों से मिलने का मौका उपलब्ध कराएगा। कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ होगा, जिसके मुख्य अतिथि राज्यपाल डॉ. केके पाल होंगे। इस दिन ज्योतिष विद्या के महान ज्ञानी डॉ.केएन राव को उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए ‘ज्योतिष पितामह’ सम्मान से नवाजा जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से यदि वे नहीं आ सके तो यह सम्मान उनके प्रतिनिधि गृहण करेंगे। वास्तु के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान के लिए जयपुर के प्रख्यात वास्तुविद पं. सतीश शर्मा को लाइफ टाइम अचीवेंट सम्मान से नवाजा जाएगा। इस अवसर पर उनकी पुस्तक ‘खगोलशास्त्र और पौराणिक अवधारणाएं’ का विमोचन भी होगा। अगले दिन एक मार्च को निशुल्क परामर्श का दिन होगा। महाकुंभ के अंतिम दिन दो अप्रैल को जीएमएस रोड स्थित होटल सैफ्रॉन लीफ में देशभर के ज्योतिषियों को उनके योगदान एवं कार्यों के लिए सम्मान प्रदान किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत होंगे।
संवाद में भी आमजन हो सकते हैं शरीक
उद्घाटन सत्र के बाद महाकुंभ में ज्योतिषियों के बीच ग्राफिक एरा सभागार में संवाद भी होंगे। ज्योतिष का स्वास्थ्य के क्षेत्र में क्या-क्या उपयोग हो सकता है, इसको लेकर परिचर्चा, सवाल-जवाब सेशन भी होगा। स्वास्थ्य और ज्योतिष के बीच के संबंध समेत अन्य इससे मिलते-जुलते विषयों पर विद्वानों के बीच संवाद होगा, जिसके माध्यम से एक सर्वमान्य हल निकालने का प्रयास किया जाएगा। केवल सफाई के जरिये, जिंदगी में कैसे बदलाव लाया जा सकता है? इसके जबरदस्त टिप्स दिए जाएंगे। इस कार्यक्रम में ज्योतिषियों के अतिरिक्त आमजन भी शरीक हो सकते हैं। पहले आओ-पहले पाओ आधार पर स्थान मिलेगा। इसके अगले दिन एक अप्रैल को सुबह 10 बजे से चार बजे शाम तक आम लोग अपनी पसंद के ज्योतिषी से मिलकर निशुल्क परामर्श ले सकेंगे। यह कार्यक्रम भी ग्राफिक एरा कैंपस में ही होगा।
वास्तुदोष जानने के लिए घर या दुकान का नक्शा लेकर आएं
एक अप्रैल को ज्योतिष महाकुंभ में वास्तुदोष से संबंधित प्रश्न लेकर आने वाले लोग अपने घर या दुकान का नक्शा जरूर लेकर आए। नक्शा देखकर ही वास्तु विशेषज्ञ आपकी समस्या का निवारण कर सकेंगे।