वक्री शनि के अशुभ असर से बचने के लिए करें यह उपाय
- 11 मई 2020 से शनि मकर राशि में वक्री चाल से भ्रमण पर है।
- मौजूदा समय पर धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती।
- मिथुन-तुला राशि पर शनि की ढय्या चल रही है।
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शनि अब वक्री हो गया है। वक्री होने का अर्थ उल्टा चलना होता है। शनि के वक्री होने से कुछ लोगों की परेशानियां बढ़ जाती हैं। शनि की मार उन लोगों पर सबसे ज्यादा होती है जिन जातकों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या और महादशा चल रही हो। शनि एक राशि को छोड़कर दूसरी राशि में प्रवेश करने के लिए लगभग ढाई वर्ष का समय लगाते हैं। वक्री होने से पहले 24 जनवरी 2020 को शनि ने धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश किया था। इस कारण से मौजूदा समय पर धनु, मकर और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती, मिथुन-तुला राशि पर शनि की ढय्या चल रही है। शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए शनि मंत्रों का जाप करना चाहिए। शनि जब किसी भी जातक की कुंडली में अशुभ भाव मे रहता है तो उसको कई तरह के कष्ट देता है। ऐसे में शनि को शुभ बनाने के लिए कुछ उपाय करना चाहिए।
Shani Vakri 2020: 11 मई से शनि की उल्टी चाल से किस राशि पर कैसा पड़ेगा असर, जानें यहां
- शनि मंत्र ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का जाप 108 बार करें।
- शनि को जल चढ़ाने में तांबे के बर्तन का उपयोग भूलकर भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि तांबा शनि के पिता सूर्य की धातु है शनि अपने पिता से बैर रखते है इस कारण से शनि की पूजा में मिट्टी या लोहे के बर्तनों का उपयोग करना चाहिए।
- शनि को प्रसन्न करने के लिए गरीबों का दान और भोजन करना चाहिए।
- भूलकर भी शनि को लाल रंग के फूल या फल नहीं चढ़ाने चाहिए।
- शनि की पूजा शाम के वक्त पश्चिम दिशा की ओर मुंह करके करना चाहिए।
वक्री शनि का शुभ असर-
- यदि शनि जातक के जन्म के समय मिथुन, कर्क, कन्या, धनु अथवा मीन राशि पर गोचर कर रहे हों तो मध्यम फलदाई होते हैं।
- मेष, सिंह और वृश्चिक पर गोचर करते हुए शनिदेव प्रतिकूल प्रभाव देने के लिए तत्पर रहते हैं।
- वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि वालों के लिए शनि हमेशा लाभदायक रहते हैं इन राशियों में इनके गोचर करते समय जो जातक जन्म लेते हैं उनके जीवन में एक समय ऐसा अवश्य आता है जब ये जातक को रंक से राजा बना देते हैं। ऐसे व्यक्तियों के जीवन में आकस्मिकता का प्रभाव सर्वाधिक रहता है। लोग जनप्रिय होते हैं और छोटे स्तर से कार्य करके कामयाबी की बुलंदी तक पहुंचते हैं।