बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
विज्ञापन

16 अक्तूबर को बना खास योग, धन और शादी की चिंता दूर कीजिए

ज्योतिष में 'सभी सत्ताइस नक्षत्रों को श्रेष्ठ माना गया है। अभिजित नक्षत्र की तुलना यद्यपि 'चक्र सुदर्शन' मुहूर्त की तरह की गई है किन्तु पुष्य नक्षत्र सभी अरिष्टों का शमन करने वाला माना गया है। इसका विस्तार कर्क राशि पर 03 अंश 21 कला से 16 अंश 40 कला तक है। इस राशि के स्वामी सूर्यपुत्र शनिदेव हैं।

वेदों में पुष्य नक्षत्र को अत्यंत शुभ कहा गया है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक धर्मपरायण, मानी, गुणी, शांत स्वभाव वाला, विविध कलाओं का ज्ञाता, कर्मनिष्ठ, सुंदर आकृतवाला, कामुक, दयालु और प्रसिद्ध होता है।

शुरु से ही इस नक्षत्र में किए गए सभी काम शुभ माने गए हैं, किन्तु शिव-पार्वती विवाह के समय पार्वती द्वारा दिए गए शाप के कारण इस नक्षत्र में विवाह संस्कार वर्जित माना गया है।
विज्ञापन

Recommended

सूर्य नक्षत्र गोचर 2026: इन 3 राशि वालों के शुरू होंगे अच्छे दिन, नवंबर तक बिजनेस में होगा जबरदस्त लाभ

25 Oct 2026
25 Oct 2026
25 Oct 2026
25 Oct 2026
25 Oct 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
25 Oct 2026
24 Oct 2026
23 Oct 2026
23 Oct 2026
23 Oct 2026
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
एप में पढ़ें

Followed