Garnet Gemstone: इस रत्न को पहनते ही सूरज की तरह चमक सकती है आपकी किस्मत, जानें इसे धारण करने का सही तरीका
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसे पहनना चाहिए गार्नेट रत्न?
रत्न शास्त्र के अनुसार, जिस व्यक्ति की कुंडली में सूर्य कमजोर या नीच राशि में उपस्थित होता है, उसे गहरे लाल रंग का गार्नेट धारण करना चाहिए, क्योंकि गार्नेट रत्न धारण करने से कुंडली में सूर्य ग्रह को प्रबलता मिलती है।
गार्नेट रत्न धारण करने की सही विधि
गार्नेट रत्न को तांबे या सोने की धातु में जड़वाकर पहनना शुभ माना जाता है। यदि आप इसे धारण करना चाहते हैं तो शुक्ल पक्ष के रविवार का दिन आपके लिए सबसे अच्छा होगा। इसे धारण करने से पहले रविवार के दिन सुबह स्नान आदि करने के बाद इस रत्न को गाय के कच्चे दूध और गंगाजल के मिश्रण से शुद्ध करके पूजा-पाठ करने के बाद ही पहनें। आप गार्नेट रत्न को अपनी अनामिका अंगुली में धारण करें।
गार्नेट पहनने से आंतरिक ऊर्जा में वृद्धि होती है, जो भी व्यक्ति इस रत्न को धारण करता है वो आत्मविश्वास से भरपूर रहता है। प्राचीनकाल में राजा-महाराजाओं द्वारा नकारात्मक शक्तियों को दूर रखने के लिए गार्नेट पहना जाता था।
गार्नेट पहनने से रक्त संबंधी विकार दूर होते हैं। रक्त शुद्ध करके ये शरीर को ऊर्जावान, कांतिवान बनाए रखता है। इसलिए त्वचा संबंधी रोगों में भी गार्नेट पहनने की सलाह दी जाती है।