Bejan Daruwalla Death: दुनिया को अलविदा कह गए बेजन दारूवाला, 90 की उम्र में हुआ निधन
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देश के मशहूर ज्योतिषी बेजान दारूवाला का शुक्रवार को अहमदाबाद के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। परिजनों के मुताबिक उन्हें नियोमिया था। साथ ही उनके फेफड़ों में संक्रमण था। पिछले एक हफ्ते से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। कथित रूप से यह भी कहा जा रहा है कि वह कोरोना से पीड़ित थे, लेकिन परिजनों ने इस बात का सिरे से खंडन किया है। बेजान दारूवाला का जन्म 1931 में हुआ था। वे गणपति महाराज के भक्त थे। दारूवाला पारसी समुदाय से आते थे। गणेश भगवान का भक्त होने के कारण वे उन्हीं के नाम से भविष्यवाणी भी किया करते थे। अहमदाबाद में वे अंग्रेजी के प्रोफेसर भी थे। उन्होंने अंग्रेजी में पीएचडी की थी।
वैदिक ज्योतिष, अंकशास्त्र और हस्तरेखा ज्ञान में थी महारथ हासिल
बेजान दारूवाला वैदिक ज्योतिष, पाश्चात्य ज्योतिष, न्यूमेरोलॉजी, हस्तरेखा विज्ञान आदि विधाओं के ज्ञाता थे। इस क्षेत्र में उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। उनकी वेबसाइट के मुताबिक वे अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी थे। उनसे कई मशहूर हस्तियां ज्योतिषीय सेवाएं भी लेते थे। राजस्थान में उदयपुर के सिटी पैलेस के प्रिंस लक्ष्यराज सिंह मेवाड़, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे उनसे ज्योतिषीय सेवाएं प्राप्त करते थे।
मोदी और संजय गांधी को लेकर की थी भविष्यवाणी
कोरोना संक्रमण को लेकर बेजान दारूवाला ने भविष्यवाणी की थी, कोरोना वायरस को लेकर उन्होंने कहा था कि यह दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण समय होगा। इसके अलावा उन्होंने 2014 और 2019 के लोकसभा में मोदी के जीत की भी भविष्यवाणी की थी। साथ ही उन्होंने अपनी भविष्यवाणी में पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के बेटे संजय गांधी की मृत्यु के बारे में भी बताया था। उन्होंने कहा था कि संजय गांधी की मौत एक दुर्घटना में होगी। उनकी ये सारी भविष्यवाणी सच साबित हुईं। उनकी भविष्यवाणियों में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई और मोरारजी देसाई की विजय भी शामिल थी।
ज्योतिष के कई सिद्धांतों के द्वारा बताते थे भविष्य
सभी के प्रिय बेजान दारूवाला को अपनी सटीक भविष्यवाणी से दुनियाभर में पहचान मिली। उन्होंने वैदिक ज्योतिष के साथ-साथ पाश्चात्य ज्योतिष के सिद्धांत को बारीकी से समझा। इसके अलावा वे आई-चिंग, टैरो कार्ड रीडिंग जैसे ज्ञान भी परिचित थे। ज्योतिष के तमाम सिद्धांतों को मिलाकर वे भविष्यवाणी किया करते थे।
ये थी उनकी भविष्यवाणी करने की तकनीक
अपनी भविष्यवाणी की तकनीक को लेकर वे कहते थे कि मैं इंसान को पहले देखता हूं और मुझे कंपन प्राप्त होने लगती है। इसके बाद किस समय वहां इंसान आया है ये जरूरी होता है। इन सभी चीजों को मैं अपने दिमाग में ही करता हूं, इसके लिए मुझे किसी कंप्यूटर की जरुरत नहीं है। यह सब करने के बाद मैं श्री गणेश की तरफ देखता हूं और भविष्यवाणी करता हूं।