ज्योतिष में राहु का बड़ा नाम है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु को बुरा और अशुभ ग्रह माना जाता है। कुंडली में राहु के अशुभ भाव में होने से कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बीमारियां और असफलता पीछा करने लगती है। राहु और केतु का संयोग कालसर्प योग का निर्माण करते हैं। आइए जानते हैं राहु और अन्य ग्रहों के साथ जब जब युति बनाता है तब-तब इसका व्यापक असर पड़ता है।
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ज्योतिष: कुंडली में राहु का कैसा रहता है प्रभाव, ऐसे मिलता है जीवन में राहु के खराब होने का संकेत
Sat, 28 Nov 2020 05:36 PM IST
विनोद शुक्ला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 28 Nov 2020 05:36 PM IST
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ज्योतिष में राहु
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राहु और चंद्रमा
जब राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियां आने लगती है। इस युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
जब राहु और चंद्रमा की युति बनती है तो उस योग के कारण व्यक्ति को मानसिक परेशानियां आने लगती है। इस युति से जिन जातकों की कुंडली में असर होता है उसका प्रभाव पड़ता है।
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राहु और सूर्य
जब कुंडली में राहु और सूर्य का योग बनता है तब इस योग का प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य और राहु की युति से पिता और पुत्र में विवाद पैदा होने लगता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु सूर्य को ग्रास करता है।
जब कुंडली में राहु और सूर्य का योग बनता है तब इस योग का प्रभाव नकारात्मक रहता है। सूर्य और राहु की युति से पिता और पुत्र में विवाद पैदा होने लगता है। धार्मिक मान्यता है कि सूर्य ग्रहण के दौरान राहु सूर्य को ग्रास करता है।
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राहु और मंगल
ज्योतिष के अनुसार जब-जब राहु और मंगल की युति होती है तब अंगारक योग का निर्माण होता है। इस योग के निर्माण से प्रभावित जातकों को खून से संबंधित परेशानियां बढ़ जाती है। यह योग भाई के लिए अशुभ रहता है।
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बुध ग्रह
- फोटो : social media
राहु और बुध
जब-जब राहु और बुध की युति होती है तब व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां होने लगती है।
जब-जब राहु और बुध की युति होती है तब व्यक्ति को सिर से संबंधित बीमारियां होने लगती है।