वर्ष 2021 का ज्योतिषीय विश्लेषण: क्या उम्मीदों की कसौटी पर खरा उतरेगा वर्ष 2021?
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भारतीय ज्योतिष में संहिता ग्रंथों में वर्ष कथन को लेकर राजा, राज्य, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा, सूर्य प्रवेश कुंडली आदि पर विचार कर भविष्य में होने वाली संभावनाओं को टटोला जाता है। जैसे जैसे पाश्चात्य संस्कृति का चलन बढता गया 1 जनवरी को ही नया वर्ष मनाने की परंपरा बढ़ती गई। आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक बता रहे हैं वर्ष 2021 के सितारे कैसे रहने वाले हैं।
2020 एक महामारी के रूप में भयावह वर्ष के रूप में जाना जा रहा है, मैंने 2020 के वार्षिक कथन में स्पष्ट कहा था की वर्ष 2020 में प्राकृतिक आपदाओं एवं नई-नई संक्रामक बीमारियां से जनता त्रस्त होगी, जो हुआ भी। कोरोना नामक महामारी ने पूरे विश्व को धरातल पर ला दिया। खैर यह तो अब अतीत हो चुका है। देखें क्या कहते हैं वर्ष 2021 के सितारे
नव वर्ष 2021 और ज्योतिषीय विश्लेषण
नव वर्ष (पाश्चात्य) का आगाज 1 जनवरी 2021 को कन्या लग्न, मेष नवांश, कर्क राशि तथा पुष्य नक्षत्र में हो रहा है। लग्न का स्वामी बुध चतुर्थ स्थान में सूर्य के साथ बुधादित्य योग धनु राशि में निर्मित कर रहा है। चतुर्थ स्थान सुख समृद्धि का होता है। बुध का बुधादित्य योग जनता के लिए कुछ राहत का मार्ग प्रशस्त कर रहा है। विदेशी निवेश के चलते देश की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। पंचम स्थान जनता और उनके सुख का होता है। पंचम स्थान में शनि और गुरु की युति मकर राशि में निर्मित हो सकती है। गुरु नीच राशि का होकर शनि के साथ जनता के कष्टों की दासता को बया कर रहा है। गुरु का मकर राशि से कुम्भ राशि में प्रवेश 6 अपैल को होगा। यह समय जनता के लिए सुखद रहेगा। कोरोना की वैक्सीन, सुखद अर्थव्यवस्था, यह सब गुरु के कुम्भ राशि में प्रवेश से ही संभव हो सकती है ?
वर्ष 2021 में 6 ग्रहों की युति
- 9 फरवरी 2021 को चन्द्र, सूर्य, बुध, शुक्र, शनि व गुरु की छः ग्रहों की युति गोल योग बना रही है, जो देश और दुनिया के लिए अच्छी नहीं रहेगी ? नवांश में चन्द्र-सूर्य तथा राहू की पंचम स्थान में युति आतंरिक समस्या को बढ़ा सकती है। प्राकृतिक आपदा, साम्प्रदायिक उपद्रव के चलते देश में अशांति का वातावरण हावी हो सकता है। पडोसी राष्ट्रों से भी संबंधों में कटुता उत्पन्न हो सकती है। राहू सूर्य-चन्द्र की नवांश में युति तथा लग्न कुंडली में शनि गुरु की मकर राशि में युति, देश के प्रधान नेतृत्व के लिए नुकसान दायक है। तृतीय भाव का स्वामी मंगल अष्टम स्थान में स्थित है।
- तृतीय भाव मीडिया का होता है। मीडिया की कार्यशैली इस वर्ष शंका के घेरे में रहेगी। तृतीय भाव संचार का भी होता है, अष्टम मंगल किसी बड़े तकनीकी आविष्कार की ओर भी संकेत कर रहा है।
- शुक्र केतु की युति पराक्रम भाव में, सिनेमा जगत के लिए कठिनतम समय दर्शा रही है। सिनेमा जगत पर ड्रग, नशा तथा तमाम नकारात्मकता उजागर हो सकती है।
- पंचम स्थान खेल का होता है। भारत के लिए अप्रैल पश्चात कोई बड़ी सफलता खेल की तरफ से प्राप्त हो सकती है। अमेरिका का दबदबा इस वर्ष कम हो सकता है ? रूस , जापान, कोरिया का प्रभाव बढ़ सकता है। पाकिस्तान, चीन, नेपाल तथा ईरान में अंतर्कलह हावी रह सकते है। इस वर्ष यूरोपीय देशों का प्रभुत्व बढ़ सकता है।
- 2 जून से 20 जुलाई तक मकर राशि में शनि मंगल की युति होगी, यह समय देश के लिए उत्तम नहीं है। प्राकृतिक आपदा, वातावरण में परिवर्तन, आतंकवाद और उग्रवाद के चलते भारी हानि के संकेत है। सुरक्षा की दृष्टि से देखें तो देश के पश्चिम हिस्से में इन सब का प्रभाव रहेगा। शनि मंगल युद्ध जैसी स्थिति भी निर्मित कर सकते हैं।
- 14 सितंबर से 19 नवंबर के मध्य बृहस्पति का वक्री होकर पुनः मकर राशि में प्रभाव संक्रामक बीमारी तथा महामारी आदि के प्रभाव को दर्शा रहा है। गुरु शनि वैश्विक आर्थिक महामारी की स्थिति को भी दर्शा रहे हैं। यह वर्ष देश के प्रधान नेताओं के लिए उत्तम नहीं है। वर्ष 2021 में कुल 4 ग्रहण होंगे, 2 सूर्य व 2 चंद्र ग्रहण।
- यदि हम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा की कुंडली पर विचार करें तो आकाशीय कौंसिल में वर्ष का राजा और मंत्री तथा मेघेश पद मंगल को ही प्राप्त है। शास्त्रों की मान्यता है कि मंगल को यदि तीन महत्वपूर्ण पद प्राप्त हो तो देश के लिए यह स्थिति उत्तम नहीं होती। खंड वर्षा, आगजनी, संक्रामक बीमारी तथा महामारी से लोगों में भय का वातावरण बन सकता है।
नववर्ष 2021 और राजनीति
भाजपा के लिए वर्ष 2021
- भाजपा का मिथुन लग्न है तथा इस वर्ष राहू तथा केतु का प्रभाव व्यव तथा छठे स्थान पर है। यह समय भाजपा के लिए आत्मचिंतन का है। लोगों का विश्वास हासिल करना भाजपा के लिए एक कठिन समस्या के रूप में उभर सकता है। जातिवाद के चलते कुछ राज्यों में भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अष्टम स्थान से शनि का भ्रमण भाजपा के शीर्षस्थ राजनेता के लिए चुनौतियां उत्पन्न कर सकता है।
कांग्रेस के लिए वर्ष 2021
- धनु लग्न की कांग्रेस के लिए यह समय शुद्धिकरण का है। इस वर्ष शीर्ष नेतृत्व में अचानक परिवर्तन की सुगबुगाहट के सुर बुलंद हो सकते हैं। द्वितीय भाव से शनि का भ्रमण जनता और कांग्रेस की मध्य दूरी को बढ़ा सकता है । हालांकि अप्रैल पश्चात कुछ राहत जरूर प्राप्त हो सकता है, लेकिन कांग्रेस के लिए सबसे बड़ी समस्या उनके राजनेताओं को एकजुट करने की हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए नव वर्ष 2021
- वृश्चिक लग्न के श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए यह वर्ष चुनौतियों से भरा साबित हो सकता है। पराक्रम भाव से शनि गुरु का भ्रमण मार्च अप्रैल तक का समय कष्टपूर्ण बता रहा है। मोदीजी को जनता का प्रेम तो प्राप्त है, लेकिन देश की अर्थव्यवस्था तथा लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना सबसे बड़ी समस्या साबित हो सकता है।
सोनिया गांधी के लिए नववर्ष 2021
- कर्क लग्न की सोनिया गांधी जी के लिए यह समय स्वास्थ्य की द्दष्टि से उत्तम नहीं है। अप्रैल पश्चात किसी बड़ी समस्या के चलते वह चिंताग्रस्त रह सकती हैं।
राहुल गांधी के लिए नववर्ष 2021
- राहुल गांधी के लिए कुम्भ का गुरु कुछ राहत दिलवा सकता है, लेकिन उनसे कोई बड़ी उम्मीद रखना एक मृगतृष्णा है।
भारतीय नववर्ष विक्रम संवत् 2078
- 13 अप्रैल 2021 चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से भारतीय नववर्ष विक्रम 2078 राक्षस नामक संवत प्रारंभ होगा, वर्ष का राजा और मंत्री मंगल होगा। छल कपट की राजनीति बढ़ेगी। अपराधियों का भंडाफोड़ होगा। सरकार अपनी लोक लुभावनी नीतियों से जनता को आकर्षित करने का प्रयास करेगी। प्राकृतिक आपदाओं व नई-नई संक्रामक बीमारियों से जनता त्रस्त होगी। धर्मं व अध्यात्म की राजनीति तेज होगी। महंगाई व बेरोज़गारी का ग्राफ बढ़ेगा। सरकार के नित नए कानून जनता को दुविधा में डालेगे।
वर्ष 2021 में शनि
- धनु, मकर व कुंभ राशि के जातकों पर शनि की साढ़ेसाती व मिथुन, तुला पर ढैय्या का प्रभाव रहेगा। हनुमत आराधना विशेष फलदायी रहेगी।
विवाह मुहूर्त 2021
- विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए भी वर्ष 2021 में खबर अच्छी नहीं है। वर्ष में कुल 40 विवाह के शुभ मुहूर्त ही है।