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VIDEO: जाति प्रमाण पत्र की मांग को लेकर घुसे प्रदर्शनकारियों पर प्राथमिकी दर्ज, तोड़फोड़ और सरकारी काम में बाधा का आरोप

मिश्रिख (सीतापुर) गड़रिया और पाल जाति को अनुसूचित जाति वर्ग में शामिल करने और जाति प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग को लेकर तहसील पहुंचे प्रदर्शनकारियों का विरोध उस समय उग्र हो गया, जब उन्होंने तहसील परिसर में जबरन घुसकर भारी तोड़फोड़ की। इस मामले में नायब नाजिर की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने मंगलवार देर रात नामजद और अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली है। जानकारी के अनुसार बीते सोमवार को भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा सीतापुर के जिलाध्यक्ष डॉ. अजय पाल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग तहसील मिश्रिख पहुंचे थे। आरोप है कि लगभग 3,000 से 4,000 की भीड़ को इकट्ठा कर तहसील परिसर में जबरन घुसने का प्रयास किया गया। पुलिस के द्वारा रोके जाने पर उग्र भीड़ ने सुरक्षाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और बैरिकेडिंग तोड़कर अंदर घुस आए। तहसील परिसर में जमकर नारेबाजी की गई, साउंड सिस्टम पर आपत्तिजनक गाने बजाए गए और गमले, दरवाजे, मेज व कुर्सियों को तोड़कर भारी सरकारी संपत्ति को क्षति पहुंचाई गई। इस हंगामे के कारण पूरे दिन तहसील का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। तहरीर में इस बात का विशेष उल्लेख किया गया है कि जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 08 अक्टूबर 2026 से 02 दिसंबर 2026 तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है। इसके बावजूद नियमों को ताक पर रखकर भारी भीड़ जुटाई गई और निषेधाज्ञा का खुलेआम उल्लंघन किया गया।पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निम्नलिखित मुख्य आरोपियों समेत 400 से 500 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है जिसमें डॉ. अजय पाल निवासी, ग्राम जारिगवां,धर्मेन्द्र धनगर निवासी, खूबपुर,अनुराग उर्फ मुलायम निवासी पुरनपुर मजरा बड़रावा सहित 400 से 500 अज्ञात उपद्रवी पर दर्ज हुई प्राथमिकी। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया तहसील प्रशासन की तरफ से दी गई तहरीर के आधार पर नामजद व अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ दस धाराओं में दर्ज किया गया है। वहीं, प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी मिलते ही बुधवार दोपहर जिलाध्यक्ष अजय पाल करीब 100 से 200 लोगों के साथ कल्ली चौराहे पर पहुंच गए और आत्मदाह करने तथा पैदल लखनऊ जाने की बात कहने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन न मानने पर डॉ. अजय पाल सहित चार-पांच लोगों को पुलिस कोतवाली ले आई। बाद में एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता व सीओ विशाल गुप्ता कोतवाली पहुंचे और उनसे बातचीत करने की बात सामने आ रही है।

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