रायबरेली में राही के कलसहा मजरे सुलखियापुर में रविवार ने किसानों ने गांव में बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण के लिए होने वाली भूमि अधिग्रहण पर नाराजगी जताई। यही नहीं सभी ने जमीन देने से इन्कार किया। सर्व सम्मति से निर्णय लिया किया भूमि को बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी। सोमवार क़ो ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। किसान रामनरेश, छेदीलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण के लिए आरडीए की ओर से पासापुर, खनुवा, सुलखियापुर, बेलाभेला के सैकड़ों किसानों की जमीन अधिग्रहण की तैयारी की जा रही है। किसानों ने बताया कि यदि जमीन अधिग्रहण हुआ, तो कई किसान भूमिहीन हो जाएंगे, जिसके सहारे उनकी रोजी-रोटी चलती है। किसानों ने बताया कि सुलखियापुर में कई किसान ऐसे हैं, जिनके पास कमाई का जरिया खेती है। यदि उनकी जमीन का अधिग्रहण हुआ तो वे भुखमरी के कगार पर पहुंच जाएंगे। खनुवा गांव के रामकुमार, उदयराज, अयोध्या प्रसाद, बेलाभेला के सिंटू सिंह, पासापुर के लालता प्रसाद ने कहा कि वे अपनी जमीन बचाने के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। किसानों का कहना है कि यह उनकी आजीविका पर सीधा हमला है। वे किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं छोड़ेंगे। किसानों ने अपनी पैतृक भूमि को बचाने के लिए दृढ़ संकल्प दिखाया है। उन्होंने कहा कि यह जमीन उनकी रोजी-रोटी का एकमात्र साधन है।