पीलीभीत जिले की ग्राम पंचायतों में प्रशासक नियुक्त होने के बाद विकास कार्यों की कार्ययोजनाओं को मंजूरी न मिलने से काम प्रभावित होने का मामला सामने आया है। ग्राम प्रधान संगठन की ओर से जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में जल्द से जल्द ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) की कार्ययोजनाओं को स्वीकृत कराने की मांग की गई है।
पत्र में कहा गया है कि शासन की ओर से ग्राम पंचायतों में छह माह के लिए प्रशासक नियुक्त किए गए हैं। इनका कार्यकाल 26 नवंबर 2026 को पूरा हो जाएगा। ऐसे में अब करीब दो माह का समय ही शेष है। जिले के सभी ग्राम प्रशासकों की ओर से करीब एक माह पहले जीपीडीपी की कार्ययोजनाएं स्वीकृति के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय को भेजी जा चुकी हैं।
पत्र के अनुसार, कार्ययोजनाओं में दो बार संशोधन के निर्देश मिले थे और संशोधन का काम भी पूरा कर लिया गया है। इसके बावजूद करीब 20 से 25 दिन बीतने के बाद भी जिला पंचायत राज अधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और जिलाधिकारी स्तर से कार्ययोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल सकी है। इससे ग्राम पंचायतों में विकास कार्य बाधित हैं।
एक माह में काम पूरा कराने की चुनौती
संगठन ने पत्र में कहा है कि यदि कार्ययोजनाओं को तत्काल स्वीकृति मिल जाती है तो अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विकास कार्य शुरू कराने के लिए करीब एक माह का ही समय बचेगा। वहीं सितंबर 2026 में सीएम डैशबोर्ड पर 15वें वित्त आयोग समेत अन्य मदों में विकास कार्यों का खर्च बढ़ाने का दबाव भी है।
कार्ययोजना स्वीकृत न होने के कारण खातों में उपलब्ध धनराशि का शत-प्रतिशत व्यय संभव नहीं हो पा रहा है। इससे सीएम डैशबोर्ड पर जिले की रैंकिंग प्रभावित होने की बात भी पत्र में कही गई है। ग्राम प्रधान संगठन ने जिलाधिकारी से सभी कार्ययोजनाओं को अतिशीघ्र स्वीकृत कराने का अनुरोध किया है, ताकि ग्राम पंचायतों में विकास कार्य समय से पूरे कराए जा सकें।