शारदा रोड स्थित महावीर जयंती भवन जैन मंदिर में मुनि श्री सौरभ सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश हुआ। धर्मसभा में उन्होंने कहा कि दशलक्षण महापर्व त्यागात्मक होते हैं, जबकि त्योहार रागात्मक होते हैं। श्रावकों को संयम के साथ त्याग की भावना रखनी चाहिए, यही सच्ची धर्म साधना है। जयकारों से गूंजा मंदिर परिसर, भक्तों में अपार उत्साह दिखा।