मेरठ के हस्तिनापुर में दूधली गांव में सरकारी गौशाला की दीवार से सटकर अवैध सिगरेट फैक्टरी संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। गौशाला के पास स्थित एक पुरानी स्कूल की इमारत को नकली सिगरेट बनाने और पैकिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। बाहर से सामान्य नजर आने वाली इमारत के अंदर बड़े पैमाने पर सिगरेट बनाने का काम चल रहा था। पुलिस और सिगरेट कंपनी की संयुक्त कार्रवाई में फैक्टरी का भंडाफोड़ किया गया। छापे के दौरान करीब डेढ़ करोड़ रुपये की तैयार सिगरेट और इतनी ही कीमत का कच्चा माल बरामद होने की बात सामने आई है। कार्रवाई के बाद आसपास के क्षेत्र में भी खलबली मच गई। सरकारी गौशाला से सटी इमारत में चल रहा था कारोबार फैक्टरी सरकारी गौशाला से सटी पुरानी इमारत में संचालित की जा रही थी। लंबे समय से यहां गतिविधियां चलने के बावजूद संबंधित विभागों और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी न होने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब पुलिस फैक्टरी संचालकों, इमारत के इस्तेमाल और नकली सिगरेट के कारोबार से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तैयार सिगरेट की सप्लाई कहां-कहां की जाती थी और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं।