मथरा में बंद पड़ी छाता शुगर मिल को चालू कराने की मांग को लेकर चल रहे धरने के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब देर रात पुलिस प्रशासन आंदोलनकारियों से वार्ता करने पहुंचा। वार्ता की भनक लगते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। पुलिस जब लौटने लगी तो लोगों को शक हुआ कि उनकी गाड़ी में एक आंदोलनकारी बैठा है। हालांकि, वह युवक प्रदर्शन में शामिल नहीं था। इस बात को लेकर ग्रामीणों ने पुलिस की गाड़ी रोक ली, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और गहमागहमी की स्थिति उत्पन्न हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है।पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हुई तीखी नोकझोंक की घटना की जानकारी जैसे-जैसे क्षेत्र के गांवों में फैल रही है, वैसे-वैसे आंदोलन उग्र होने लगा है। घटना के विरोध और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में आसपास के गांवों से सैकड़ों की संख्या में लोग लाठी-डंडों लेकर छाता शुगर मिल धरना स्थल पर पहुंचने लगे हैं। भारी भीड़ के जुटने से मौके पर तनाव की स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है, जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।