मथुरा। कृष्ण गंगा, लाल दरवाजा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर की शिशु वाटिका के तत्वावधान में मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना के बाद भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पहली बार आयोजित इस कार्यक्रम में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के माध्यम से सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और नारी शक्ति का संदेश दिया गया। नगर भ्रमण के बाद शोभायात्रा विद्यालय पहुंचकर संपन्न हुई। विद्यालय के प्रधानाचार्य दीपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य बच्चों को सनातन धर्म की मान्यताओं, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है। मां भगवती के नौ स्वरूपों के माध्यम से बच्चों को नारी की शक्ति, साहस और आत्मसम्मान का संदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि नारी को अबला समझना भूल है। भारतीय संस्कृति में नारी शक्ति, साहस और पराक्रम की प्रतीक रही है। जब-जब अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध खड़े होने की आवश्यकता पड़ी, तब नारी शक्ति ने अपने सामर्थ्य का परिचय दिया और दुष्टों का सामना करने के लिए शस्त्र उठाने से भी पीछे नहीं हटी। ऐसे आयोजन बच्चों में सांस्कृतिक चेतना जगाने के साथ ही उन्हें भारतीय परंपराओं और नारी सम्मान के मूल्यों से जोड़ने का माध्यम हैं। कार्यक्रम में विद्यालय अध्यक्ष महेश चंद्र अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रमन लाल गुप्ता, सदस्य प्रियंका खंडेलवाल, जिला समन्वयक सुरेंद्र कुमार गोला, उप प्रधानाचार्य श्याम सिंह, विष्णु भगवान, चंद्रपाल, शिशु वाटिका की प्रांत संयोजिका अंजू सिंह, कुमुद ग्रोवर, प्रिया वशिष्ठ, श्रद्धा शर्मा, शिवानी शर्मा, अनुराग पचौरी, सुभाष चंद्र, विकास, पुरुषोत्तम और पल्लवी शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। संवाद