कासगंज में जहां अमूमन तरबूज की खेती गर्मी के मौसम में की जाती है, वहीं मोहनपुरा के गांव बहटा निवासी एक प्रगतिशील किसान सतीश ने पारंपरिक खेती से हटकर बरसात के मौसम में ही रसीला तरबूज उगाकर कमाल कर दिया। उन्होंने अन्य किसानों के लिए आधुनिक खेती की मिसाल पेश की है। खरीफ के सीजन में उनके खेत में करीब 3 किग्रा वजन के तरबूज लगे हुए हैं। किसान सतीश ने बताते हैं कि बरसात के मौसम में ऑफ सीजन तरबूज की खेती के लिए उन्होंने विशेष किस्म का बीज बेंगलुरु से मंगवाया। फिर आधुनिक तकनीक से खेती की शुरू की। खास बात यह है कि बरसात के मौसम में भी पैदावार गर्मी के मौसम के बराबर ही आ रही है। किसान के अनुसार, एक बीघे में करीब 10 से 12 क्विंटल तक पैदावार होने का अनुमान है। 15 सितंबर तक फसल तैयार होकर बाजार में पहुंचने लगेगी। बाजार में ऑफ सीजन होने के कारण रसीले तरबूज का अच्छा दाम भी मिलने की उम्मीद है। किसान की इस सफलता के बाद आसपास के कई किसान अब उनसे बरसाती तरबूज की खेती के गुर सीखने पहुंच रहे हैं।