सहपऊ के कोंकना कलां स्थित बाबा जाहरवीर गोगाजी महाराज की माड़ी पर रविवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की द्वितीया पर वार्षिक मेले का आयोजन हुआ। सुबह चार बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी और दिनभर सैलाब उमड़ा रहा। यह मेला वर्ष में दो बार होता है, दूसरा माघ माह की द्वितीया को। ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा सौ वर्ष से भी अधिक पुरानी है। पालीवाल परिवार मेले का आयोजन करता है। उनके बुजुर्ग इंद्रजीत सिंह पालीवाल को बाबा जाहरवीर ने स्वप्न में मंदिर निर्माण को कहा था। मंदिर परिसर में हवन-यज्ञ चला, कई परिवारों ने बच्चों का मुंडन संस्कार कराया। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, मिष्ठान, शृंगार सामग्री और झूले आकर्षण का केंद्र रहे। भीड़ को देखते हुए शांति व सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं ने भंडारे का आयोजन कर पूड़ी-सब्जी का प्रसाद बांटा।