हमीरपुर जिले के सरीला क्षेत्र अंतर्गत पुरैनी गांव निवासी 15 वर्षीय प्रांसी रक्षाबंधन पर बहनों के लिए पड़ोरा लेने जाते समय रपटे पर पैर फिसलने से नाले के तेज बहाव में बह गई थी। कानों से कम सुनाई देने के बावजूद उनके पिता साधुराम तीन दिनों तक लगातार नाले, खेतों और झाड़ियों में बेटी की तलाश करते रहे। मंगलवार दोपहर को दूसरे चेकडैम के पास झाड़ियों में फंसे शव पर पिता की ही नजर पड़ी, जिसके बाद पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।