यूपी के बहराइच में जल निकासी की समस्या का समाधान कराने शुक्रवार को भौरी गांव पहुंचे नायब तहसीलदार राजेश श्रीवास्तव को ग्रामीणों ने करीब डेढ़ घंटे तक बंधक बनाए रखा। तहसील प्रशासन के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए ग्रामीण उनकी गाड़ी के आगे बैठ गए। सूचना पर एसडीएम राजेश अग्रवाल, सीओ पवन कुमार त्यागी और बौंडी थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे। करीब आधे घंटे की बातचीत और सप्ताहभर में समस्या दूर कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए और नायब तहसीलदार को जाने दिया। ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी नसीमुन ने कुछ समय पहले गांव निवासी नेउहरि से गांव से सटी खेत की जमीन खरीदी थी। जमीन पर नींव भरवाकर मक्का बो दिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि नींव भरने से गांव के पानी का निकास बंद हो गया। करीब सप्ताहभर पहले आई बाढ़ का पानी भी बाहर नहीं निकल सका। समस्या को लेकर ग्रामीण तहसील में कई बार प्रार्थनापत्र दे चुके थे, लेकिन समाधान नहीं हुआ। शुक्रवार दोपहर में ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को फोन कर जल्द समस्या न सुलझने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। इसके बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार को मौके पर भेजा। करीब 4.00 बजे उनके पहुंचते ही ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और उन्हें घेर लिया। नायब तहसीलदार ने अधिकारियों को गांव के हालात की सूचना दी। उस समय जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय की बैठक में शामिल होने के लिए एसडीएम जिला मुख्यालय पर थे। डीएम को सूचना देने के बाद एसडीएम शाम करीब 5.00 बजे गांव पहुंचे। एसडीएम के पहुंचते ही ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से वार्ता की। इसके बाद सभी किसी तरह शांत हुए। तय हुआ कि जहां नींव बनाई गई है, वहां नाली निर्माण के लिए संबंधित जमीन खरीदकर जल निकासी की व्यवस्था कराई जाएगी। ग्रामीण इसके लिए तैयार हो गए। एसडीएम ने सप्ताहभर में समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने नायब तहसीलदार को जाने दिया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि ग्रामीण जल निकासी की समस्या से परेशान थे। वार्ता के बाद सहमति बनी है और सप्ताहभर में समस्या का समाधान कराया जाएगा। एसडीएम के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। भीड़ को देखते हुए एडीओ पंचायत फखरपुर मौके से खिसक गए। एसडीएम ने उन्हें आवाज देकर बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। इसके बाद सीओ ने पुलिसकर्मियों से उनकी तलाश कराई। एडीओ पंचायत गांव के बाहर मिले। अधिकारियों ने कार्रवाई की चेतावनी दी तो वह वापस मौके पर पहुंचे। भौरी गांव बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में आता है। करीब सप्ताहभर पहले आई बाढ़ का पानी जल निकासी बाधित होने के कारण गांव से बाहर नहीं निकल सका। ग्रामीणों का कहना है कि निकासी बंद होने से खेतों और आबादी में पानी भरने की समस्या बढ़ गई है। इसी को लेकर ग्रामीण लंबे समय से तहसील प्रशासन से जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग कर रहे थे।