अयोध्या में पासी कल्याण परिषद ने सिविल लाइन स्थित प्रेस क्लब में समाज सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में पासी समाज के लिए छह सूत्री कार्यक्रम पर गहन चर्चा की गई। परिषद के अध्यक्ष राम अवध ने शिक्षा, दहेज, मृतक भोज और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों पर जोर दिया। राम अवध ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के उत्थान के लिए शिक्षा का अनिवार्य और रोजगारपरक होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने शादी-विवाह में दहेज प्रथा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की वकालत की। अध्यक्ष ने समाज में व्याप्त मृतक भोज जैसी कुरीति को भी बंद करने का आह्वान किया। बैठक का एक प्रमुख उद्देश्य पासी और बौरासी समुदायों के बीच सामाजिक एकता स्थापित करना था। इसके लिए सभी प्रकार के भेदभाव को समाप्त करने पर सहमति बनी। चर्चा के दौरान परिवार नियोजन के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए भी ठोस कदम उठाने की बात कही गई। इस अवसर पर लल्लन, चंद्रबली सिंह और राम अवध सहित समाज के कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। परिषद अध्यक्ष राम अवध ने शिक्षा को समाज की प्रगति का आधार बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अनिवार्य ही नहीं, बल्कि रोजगारोन्मुखी भी होनी चाहिए। बैठक में दहेज प्रथा को समाज के लिए एक बड़ा अभिशाप बताया गया। इसे तत्काल प्रभाव से समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। मृतक भोज जैसी परंपराओं को बंद करने का निर्णय भी लिया गया, ताकि अनावश्यक खर्चों से बचा जा सके। पासी और बौरासी समुदायों के बीच सामाजिक एकता स्थापित करना बैठक का एक महत्वपूर्ण एजेंडा था। सभी सदस्यों ने आपसी भेदभाव को मिटाने और एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। परिवार नियोजन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें इसके लाभों पर प्रकाश डाला गया। समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया गया। उपस्थित लोगों ने इन सुधारों को जमीनी स्तर पर लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।