अयोध्या के बीकापुर तहसील में आठ सूत्री मांगों को लेकर शनिवार को तहसील के लेखपालों ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन किया। लेखपालों ने संपूर्ण समाधान दिवस समेत विभागीय कार्यों का बहिष्कार कर नारेबाजी की। तहसील अध्यक्ष अंकुश वर्मा के नेतृत्व में लेखपालों ने मुख्यमंत्री को संबोधित आठ सूत्री मांगपत्र उपजिलाधिकारी संतोष कुमार को सौंपा। लेखपालों का कहना है कि संसाधनों की कमी, लंबित पदोन्नति, वेतन विसंगति, अतिरिक्त कार्यभार और अवकाश के दिनों में भी ड्यूटी किए जाने जैसी समस्याओं का उन्हें सामना करना पड़ रहा है। मांगपत्र में प्रारंभिक वेतनमान में 2800 ग्रेड पे देने और वेतन विसंगति दूर करने, आठ वर्षों से लंबित अंतर मंडलीय स्थानांतरण किए जाने, पदोन्नति सूची जारी करने और समय से डीपीसी कराने की मांग की गई है। इसके अलावा विभागीय परीक्षा का परिणाम घोषित करने व स्थायीकरण, 16 वर्षों से भत्तों में वृद्धि नहीं किए जाने का मामला, पटल सहायक व प्रभारी राजस्व निरीक्षक से संबद्ध लेखपालों को अवमुक्त करने तथा विगत 10 वर्षों से लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित करने की मांग भी शामिल है। तहसील अध्यक्ष अंकुश वर्मा ने कहा कि लेखपाल संवर्ग की लंबित और न्यायोचित मांगों पर कई वर्षों से राजस्व परिषद और शासन स्तर से सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। इसके कारण लेखपाल संवर्ग आंदोलन के लिए मजबूर है। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान प्रशासनिक कार्यों में रुकावट और जनमानस को होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी राजस्व परिषद और शासन की होगी। लेखपालों ने सुबह 10 बजे से दोपहर दो बजे तक धरना दिया। चेतावनी दी कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो राजस्व विभाग के सभी ग्रुप से लेफ्ट हो जाएंगे। धरने में मंत्री सरजू दुबे, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गुलशन भारती, कनिष्ठ उपाध्यक्ष जयसूर्या, भीम सिंह, अतुल सिंह, खुशबू अली, राजेश श्रीवास्तव, गिरीश राय, विकास यादव समेत तहसील के अन्य लेखपाल मौजूद रहे।