शिक्षा केवल किताबी ज्ञान हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देने और आत्मनिर्भर बनने का सबसे सशक्त जरिया भी है। इसी सोच को अपना ध्येय बनाकर झूंसी की सेवानिवृत्त अध्यापिका सुधा कुलकर्णी आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों के जीवन में शिक्षा का उजियारा फैला रही हैं। सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका बच्चों को पढ़ाने का सिलसिला थमा नहीं, बल्कि अब वह अपने घर पर ही जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क कोचिंग देकर उनके भविष्य को संवारने में जुटी हैं। सुधा कुलकर्णी ने अपना पूरा जीवन बच्चों को शिक्षा देने में बिताया है। सेवानिवृत्ति के बाद जब वह घर के पास स्थित पार्क में टहलने जाती थीं, तो आसपास के गरीब परिवारों के बच्चे सड़कों पर खेलते नजर आते थे। ये बच्चे…