खेरागढ़ (आगरा)। अपराधी जितना भी शातिर हो, कुछ न कुछ ऐसे सुराग होते हैं कि वह बच नहीं पाता। खेरागढ़ थाना क्षेत्र में 27 साल पहले हुए सिपाही हत्याकांड और सरकारी हथियार लूट के मामले में कुछ ऐसा ही वाकया सामने आया है। नाम, हुलिया और ठिकाना बदलने के बाद भी 50 हजार का इनामी बदमाश भूरा आखिरकार शिकंजे में आ ही गया। बृहस्पतिवार को जिला कारागार में हुई शिनाख्त परेड में चश्मदीद पुलिसकर्मियों ने उसे पहचान कर बेनकाब कर दिया।