सात हजार से अधिक यात्रियों की रोजाना आवाजाही, 200 बसों का संचालन और सुविधाओं के नाम पर बदहाल इंतजाम। फाउंड्री नगर के सैटेलाइट बस अड्डे कहीं कूड़े के ढेर और धूल के गुबार यात्रियों का स्वागत करते दिखे तो कहीं बस का इंतजार करने वालों के लोग गंदगी और बदबू के साए में मजबूर बैठे दिखे। स्वच्छ पीने के पानी की सुविधा नदारद नजर आई। संचालन शुरू हुए चार महीने बीतने के बाद भी यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल सकी हैं।