जमीन एक, मगर सौदे अनेक हुए। कभी इकरारनामा तो कभी पावर ऑफ अटॉर्नी। अलग-अलग लोगों से रकम भी ली गई। फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र और नामांतरण का खेल भी सामने आया। बोदला में बैनारा फैक्टरी के पास करोड़ों की 10 हजार वर्ग गज जमीन के मामले में सीआईडी जांच ने फर्जीवाड़े की नई परतें खोली हैं। तीन नए मुकदमे दर्ज हो चुके हैं, मगर ढाई साल बाद भी जांच पूरी नहीं हुई है। सीआईडी के निरीक्षक अनिल प्रताप सिंह ने जांच में सामने आए लुधियाना, पंजाब निवासी टहल सिंह पर जुलाई में पहली प्राथमिकी दर्ज कराई। आरोप लगा कि टहल सिंह ने यह जानते हुए कि जमीन डीड के अनुसार पदम कुमार जैन को दे चुके हैं। लाभ उठाने के लिए बार-बार बेचा।