आगरा में निजी आईटीआई की सरकारी जांच रिपोर्ट और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर सामने आया है। फर्जी संचालन की शिकायत पर वर्ष 2025 में तत्कालीन जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जिले में संचालित 127 निजी आईटीआई की जांच के आदेश दिए थे। 13 सदस्यीय कमेटी ने संस्थानों की जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। इसमें उन्होंने आईटीआई की स्थिति संतोषजनक बताई थी। संवाददाता ने जब पड़ताल की तो तस्वीर बिल्कुल उलट मिली। आईटीआई की जगह कहीं स्कूल तो कहीं खाली प्लॉट मिला। एक जगह अस्पताल संचालित पाया गया। सवाल यही है कि जब मौके पर आईटीआई थी ही नहीं तो जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में उसे संतोषजनक कैसे बता दिया?