राजधानी शिमला के ऐतिहासिक कालीबाड़ी मंदिर में मंगलवार को महानवमी के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और हवन किया गया। सुबह सबसे पहले मां सिद्धिदात्री की पूजा की गई। इसके बाद सुबह नौ बजे विधि-विधान के साथ हवन हुआ। मंदिर में सुबह से ही मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। महानवमी के अवसर पर मंदिर में भक्तिमय माहौल रहा। दोपहर की महाआरती में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और मां के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर के पुजारी मुक्ति चक्रवर्ती ने बताया कि महानवमी पर श्रद्धाभाव के साथ सुबह हवन और विशेष आरती की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। पुजारी मुक्ति चक्रवर्ती के अनुसार, बुधवार को मंदिर में बंगाली परंपरा के तहत सिंदूर खेला का आयोजन किया जाएगा। इसमें बंगाली महिलाएं मां को सिंदूर अर्पित कर एक-दूसरे को सिंदूर लगाएंगी। इसके बाद मां का शृंगार कर उन्हें विदाई दी जाएगी। सिंदूर खेला बंगाली दुर्गा पूजा की प्रमुख परंपराओं में से एक है। इसके साथ ही दुर्गा पूजा के उत्सव का समापन भावनात्मक और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है।