अजमेर नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में चुनावी शोर अब थमने की कगार पर है और शुक्रवार को मतदाता ईवीएम का बटन दबाकर अगले पांच साल के लिए शहर की सरकार चुनेंगे। नगर निगम के 80 वार्डों में पार्षद पद के लिए 360 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 79, कांग्रेस के 77 तथा 204 निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशी शामिल हैं। दोनों प्रमुख दलों के सामने अपने-अपने प्रत्याशियों को जीत दिलाने की चुनौती है, जबकि बड़ी संख्या में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने कई वार्डों में मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है।
सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान
मतदान सुबह 7 बजे शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा। अजमेर नगर निगम क्षेत्र में कुल 413 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक बूथ पर चार मतदानकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। संवेदनशील और अतिसंवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
माखुपुरा से बूथों के लिए रवाना हुईं पोलिंग पार्टियां
मतदान से एक दिन पहले गुरुवार को माखुपुरा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में पोलिंग पार्टियों को अंतिम प्रशिक्षण दिया गया। इसके बाद ईवीएम और चुनाव सामग्री उपलब्ध कराकर मतदान दलों को संबंधित बूथों के लिए रवाना किया गया। जिला निर्वाचन अधिकारी लोक बंधु और एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
35 फीसदी युवा मतदाता, निर्णायक हो सकता है रुख
नगर निगम क्षेत्र में करीब 35 प्रतिशत मतदाता 35 साल से कम उम्र के हैं। रोजगार, सड़क, यातायात, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, पर्यटन और डिजिटल सुविधाएं युवाओं के प्रमुख मुद्दे माने जा रहे हैं। करीबी मुकाबले वाले वार्डों में युवा मतदाताओं की भागीदारी परिणाम की दिशा बदल सकती है।
204 निर्दलीय बिगाड़ सकते हैं भाजपा-कांग्रेस का गणित
204 निर्दलीय और अन्य दलों के प्रत्याशियों की मौजूदगी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों की चिंता बढ़ा दी है। टिकट से नाराज नेताओं और कार्यकर्ताओं के मैदान में उतरने से वोटों के बिखराव और भीतरघात का खतरा है। कई वार्डों में निर्दलीय सीधे दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को चुनौती दे रहे हैं।
14 को आएगा परिणाम
पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ फ्लैग मार्च किया है। मतदान के बाद सभी ईवीएम को माखुपुरा स्थित पॉलिटेक्निक कॉलेज में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। 14 सितंबर को मतगणना होगी।
21 सितंबर को होगा मेयर का चुनाव
पार्षदों के परिणाम के बाद मेयर की कुर्सी के लिए सियासी जोड़तोड़ शुरू होगी। मेयर का चुनाव 21 सितंबर को और डिप्टी मेयर का चुनाव 22 सितंबर को होगा। इस बार अजमेर में मेयर पद अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित है। ऐसे में भाजपा और कांग्रेस की नजर बहुमत के साथ मेयर पद के लिए जरूरी समर्थन जुटाने पर भी रहेगी।
शुक्रवार को पड़ने वाला हर वोट अजमेर नगर निगम की अगली राजनीतिक तस्वीर तय करेगा। भाजपा सत्ता में वापसी की कोशिश में है, जबकि कांग्रेस निगम की कमान हासिल करने के लिए मैदान में है। वहीं निर्दलीय प्रत्याशी दोनों दलों के समीकरण प्रभावित कर सकते हैं।