कैबिनेट मंत्री पंजाब बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में जल संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए वैकल्पिक जल स्रोतों का अधिकतम एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित कर रही है। इसी दिशा में गढ़शंकर में एस.टी.पी. के शोधित पानी को कृषि सिंचाई के लिए उपयोग करने की महत्वपूर्ण परियोजना शुरू की गई है। कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बुधवार को पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं गढ़शंकर के विधायक जय कृष्ण सिंह रौड़ी की मौजूदगी में एस.टी.पी. गढ़शंकर के 3 एमएलडी शोधित पानी को कृषि सिंचाई के लिए इस्तेमाल करने संबंधी परियोजना का उद्घाटन किया। आर.आई.डी.एफ.-25 योजना के तहत तैयार इस परियोजना की कुल लागत 161 लाख रुपए है और इससे 125 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी। श्री गोयल ने बताया कि भूमि एवं जल संरक्षण विभाग, पंजाब की ओऱ से तैयार एवं क्रियान्वित इस परियोजना का उद्देश्य शहरी क्षेत्र से निकलने वाले पानी को एस.टी.पी. के माध्यम से शोधित करने के बाद उसे व्यर्थ जाने देने के बजाय कृषि सिंचाई के लिए उपयोग में लाना है। परियोजना के तहत किसानों के खेतों तक शोधित पानी पहुंचाने के लिए 7059 मीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन, 250 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइन तथा 60 आउटलेट उपलब्ध करवाए गए हैं। परियोजना के अंतर्गत 3 लाख लीटर क्षमता का संप वेल तथा 6×4 मीटर आकार का पंप रूम भी स्थापित किया गया है। इससे करीब 40 किसान लाभार्थियों को सीधे तौर पर सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि एस.टी.पी. गढ़शंकर से प्राप्त शोधित पानी सिंचाई के लिए एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक जल स्रोत है। इस पानी को भूमिगत पाइपलाइनों के माध्यम से किसानों के खेतों तक पहुंचाने से भूजल की 100 प्रतिशत बचत होगी तथा ट्यूबवेल चलाने के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली की खपत भी कम होगी। इससे किसानों की सिंचाई लागत घटाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि शोधित पानी में आवश्यक पोषक तत्व एवं जैविक तत्व मौजूद होने के कारण इसके उचित एवं वैज्ञानिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता में सुधार और फसलों की पैदावार बढ़ने की संभावना है। इससे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि पंजाब जैसे कृषि प्रधान राज्य में जल संरक्षण के साथ-साथ वैकल्पिक जल स्रोतों का उपयोग समय की आवश्यकता है। बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि पंजाब सरकार नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाने, भूजल पर निर्भरता कम करने और शोधित पानी के पुन: उपयोग को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। गढ़शंकर की यह परियोजना जल संरक्षण और टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डिप्टी स्पीकर पंजाब विधानसभा श्री जय कृष्ण सिंह रौड़ी ने कहा कि एस.टी.पी. के शोधित पानी का कृषि सिंचाई में उपयोग किसानों के लिए लाभकारी होने के साथ-साथ पर्यावरण और भूजल संरक्षण के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाओं से क्षेत्र में सिंचाई के लिए वैकल्पिक जल स्रोत उपलब्ध होंगे। उन्होंने इस दौरान कैबिनेट मंत्री से गढ़शंकर के बीत इलाके में लिफ्ट इरीगेशन के साथ हर गांव तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने का आग्रह किया। इस अवसर पर एस.डी.एम संजीव कुमार, मंडल भूमि रक्षा अधिकारी होशियारपुर राजेश शर्मा, नगर कौंसिल गढ़शंकर के प्रधान सोमनाथ बंगड़, संबंधित विभागों के अधिकारी, किसान एवं क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।