पंजाब सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत अब स्कूलों में भी विशेष स्तर पर जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत पंजाब के विभिन्न स्कूलों में ‘स्कूल युद्ध नशों के विरुद्ध’ कार्यक्रम शुरू किया गया है। मोगा के कोट ईसे खां के एक सरकारी स्कूल में विद्यार्थियों को डॉक्यूमेंट्री दिखाकर भी नशे के खतरों के प्रति जागरूक किया गया। इस अभियान के लिए करीब 21 हजार शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है, जो स्कूलों में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों और इससे बचाव के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस अभियान के तहत स्कूलों से 500 मीटर के दायरे को नशामुक्त जोन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। विद्यार्थियों को केवल किताबों के माध्यम से ही नहीं, बल्कि नशे की गिरफ्त से बाहर निकल चुके युवाओं के जीवन पर आधारित फिल्में और डॉक्यूमेंट्री दिखाकर भी नशे के खतरों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। कक्षाओं में विद्यार्थियों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही उन्हें नशे को ‘ना’ कहने और किसी भी तरह के दबाव को संभालने के तरीके भी बताए जा रहे हैं।