भुलत्थ में कोऑपरेटिव सोसायटी के कार्यालय की हुई नीलामी को लेकर कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। खैहरा ने आरोप लगाया कि सोसायटी का कार्यालय कथित तौर पर महज 55 लाख रुपये में नीलाम किया गया, जबकि उनके मुताबिक संपत्ति की बाजार कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये है। खैहरा का आरोप है कि नीलामी के दौरान कुछ अन्य वास्तविक बोलीदाता करीब दो करोड़ रुपये तक बोली लगाने के लिए तैयार थे, लेकिन उन्हें नीलामी स्थल के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। उन्होंने दावा किया कि भुल्लथ के एसएचओ ने कुछ बोलीदाताओं को अंदर जाने से रोका। विधायक के अनुसार, इससे नीलामी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। -दोबारा नीलामी की मांग- विधायक खैहरा ने कहा कि यदि दो करोड़ रुपये तक बोली लगाने के इच्छुक लोग मौजूद थे तो संपत्ति का 55 लाख रुपये में नीलाम होना जांच का विषय है। उन्होंने मौजूदा नीलामी को रद्द कराकर पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा बोली करवाने की मांग की है। खैहरा ने बताया कि उन्होंने मामले को एसडीएम भुल्लथ, डिप्टी कमिश्नर कपूरथला और कोऑपरेटिव सोसायटी के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में भी लाया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संपत्ति की दोबारा नीलामी नहीं कराई गई तो वह मामले को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में ले जाएंगे। खैहरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब को इस तरह नहीं लूटा जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से नीलामी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और किसी भी अनियमितता के सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उधर, पूर्व जिला परिषद के चेयरमैन युवराज भूपिंदर सिंह ने कहा कि 15-16 बार बोली रद की गई और आज मार्केट रेट से बेहद कम कीमत पर अपने किसी चहेते को दे दी गई है। यह मामला डीसी कपूरथला समेत संबंधित विभाग के उच्चाधिकारियों के पास जोरदार ढंग से उठाया गया है। थाना भुलत्थ के एसएचओ एसआई हरजिंदर सिंह ने विधायक के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि किसी को भी नहीं रोका गया। वहीं, एसडीएम भुलत्थ रुपिंदरपाल सिंह ने कहा कि अदालत के आदेशानुसार अनुसार नीलामी नियमानुसार की गई है। सोसायटी कार्यालय को कलेक्टर रेट से अधिक कीमत पर नीलाम किया गया है। नीलामी के दौरान सभी बोलीदाता मौजूद थे। विधायक खैहरा के दोबारा बोली न करवाने पर हाईकोर्ट जाने की चेतावनी पर एसडीएम ने कहा कि यह उनका अधिकार है।