परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में गुरुवार को सीबीआई की छह सदस्यीय टीम ने मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार और विपन गर्ग के घरों की तलाशी ली और विपन के परिजनों से पूछताछ की। उधर, अश्वनी कुमार, उसकी पत्नी नीलम रानी, विपन गर्ग और लाडी को अदालत ने पांच नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट पंजीकरण भी रद्द कर दिया है। इस बीच, परिवार और इंसाफ कमेटी ने सरकार की ओर से गठित तीन महिला आईएएस अधिकारियों की कमेटी से बातचीत करने से इन्कार कर दिया। झोटा की पत्नी मनप्रीत कौर ने कहा कि सभी मांगें पूरी होने तक न पोस्टमार्टम कराया जाएगा और न अंतिम संस्कार होगा। दसवें दिन भी मानसा के तिकोनी चौक पर धरना जारी रहा। सीबीआई की टीम वीरवार को अश्वनी कुमार और विपन गर्ग के घर पहुंची। घंटों चली जांच के दौरान कुछ सामान और दस्तावेज बरामद होने की जानकारी सामने आई है। टीम देर शाम तक जांच में जुटी रही। चारों आरोपियों को मानसा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजिंद्र नागपाल की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पांच नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। आगे सीबीआई आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।