मोगा के एमएडीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल में उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब दो छात्रों के बीच हुए आपसी विवाद को सुलझाने के लिए प्रिंसिपल ने दोनों परिवारों को स्कूल में बुलाया। इस दौरान दोनों परिवार प्रिंसिपल के कमरे में ही आपस में भिड़ गए और देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले। झगड़े के दौरान कमरे में रखी कुर्सियों और अन्य सामान को भी एक-दूसरे पर फेंका गया। पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। स्कूल के प्रिंसिपल देवेंदर गोयल ने बताया कि स्कूल में 7वीं और 10वीं कक्षा के दो छात्रों के बीच खेलते समय मामूली बहस हो गई थी। इसके बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से दोनों बच्चों के अभिभावकों को स्कूल में बुलाया गया, ताकि उन्हें समझाया जा सके कि बच्चे आपस में लड़ाई-झगड़ा न करें। प्रिंसिपल के अनुसार, 10वीं कक्षा के एक छात्र के अभिभावक स्कूल पहुंचे और कक्षा में जाकर छात्र को मारने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद शिक्षकों ने बीच-बचाव कर उन्हें रोक लिया। इसके बाद जब दोनों पक्ष प्रिंसिपल के कार्यालय में पहुंचे, तो वहां भी आपस में भिड़ गए और विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। प्रिंसिपल ने आरोप लगाया कि इस दौरान उन्हें और उनके स्टाफ को बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचानी पड़ी। उन्होंने बताया कि करीब 15 से 20 लोग स्कूल में आए थे और कार्यालय में तोड़फोड़ करके चले गए। प्रिंसिपल के मुताबिक, इस घटना की सूचना 112 पर देने के साथ ही थाने में भी शिकायत दर्ज करवाई गई है। पुलिस मौके पर पहुंची थी।