सच्ची नियत से की गई मेहनत आखिरकार रंग लाती है और ऐसा ही कुछ पठानकोट में देखने को मिला। जहां पर इलेक्ट्रॉनिक सामान की रिपेयर करने वाले एक शख्स की बेटी जो भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनकर पहली बार पठानकोट पहुंची। पठानकोट पहुंचने पर शहरवासियों और दीक्षा के परिजनों ने पुष्प वर्षा और फूलों के हार पहना कर दीक्षा का स्वागत किया। इस मौके पर पठानकोट के गणमान्य लोगों ने पहुंचकर दीक्षा को हार्दिक शुभकामनाएं दी और उसके उज्जवल भविष्य की कामना की। इस मौके पर दीक्षा ने कहा कि अगर आपने किसी मुकाम पर पहुंचना है तो आपको कड़ी मेहनत से करनी पड़ेगी। कहा कि मेरे माता-पिता का इसमें बहुत योगदान है और उन्होंने मेरी बहुत मदद की है और मुझे पढ़ने में मदद की है। दीक्षा ने बाकी लड़कियों को भी संदेश दिया है कि वह अपने आप को किसी से कम ना समझे और कड़ी मेहनत करें। दीक्षा के पिता डिंपल कुमार ने बताया कि बेटी को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत रंग लाई है और आज उसकी मेहनत सफल हुई है। उन्होंने आम लोगों को संदेश देते हुए कहा कि अपने बच्चों को जरूर पढ़ाया ताकि वह सफल होकर परिवार और देश का नाम रोशन कर सके।