फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पीजीआई की कार्डियक इमरजेंसी में बदहाल व्यवस्था, रात में ईसीजी के लिए बुलाना पड़ता है टेक्नीशियन

Wed, 14 Oct 2026 12:49 PM IST
Chandra Prakash Neeraj Video Desk Amar Ujala Dot Com

पीजीआई में विश्वस्तरीय इलाज के दावों के बीच कार्डियक इमरजेंसी की व्यवस्थाओं पर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ के साथ मरीज पहुंचने पर रेजिडेंट डॉक्टर तत्काल ईसीजी कराना चाहते हैं, लेकिन नियमित ड्यूटी पर ईसीजी टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में टेक्नीशियन को फोन कर बुलाना पड़ता है। दिल के गंभीर मरीजों के लिए शुरुआती जांच में होने वाली यह देरी चिंता बढ़ा रही है। पीजीआई में कार्डियक ट्रायेज के लिए अलग इमरजेंसी की शुरुआत 9 मार्च को हुई थी। करीब सात महीने बीतने के बाद भी यहां अपनी प्रयोगशाला और रेडियोडायग्नोसिस की सुविधाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। मरीजों के जांच नमूने लेने के लिए चार कर्मचारियों की जरूरत बताई जा रही है, जबकि फिलहाल केवल एक कर्मचारी यह जिम्मेदारी संभाल रहा है। इससे जांच और उपचार की प्रक्रिया पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। कार्डियक इमरजेंसी में रात के समय ईसीजी टेक्नीशियन की नियमित ड्यूटी नहीं होने से रेजिडेंट डॉक्टरों को मरीज आने पर फोन के जरिए टेक्नीशियन बुलाना पड़ता है। हृदय संबंधी आपात स्थिति में ईसीजी शुरुआती जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में टेक्नीशियन की उपलब्धता सुनिश्चित नहीं होने से तत्काल उपचार की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है।

विज्ञापन

Latest

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
AU ऐप में पढ़ें